Ranchi : राज्य कर्मियों के लिए प्रस्तावित राज्य कर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना को लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति हुई है. मंगलवार को इस योजना के अंतर्गत टेक्निकल बीड ओपनिंग की प्रक्रिया पूरी की गई. बीड ओपनिंग कमेटी की बैठक झारखंड स्टेट आरोग्य समिति के कार्यकारी निदेशक छवि रंजन की अध्यक्षता में आयोजित की गई.

बैठक में अपर कार्य निदेशक सीमा सिंह, विभागीय उप सचिव सह आंतरिक वित्तीय सलाहकार ध्रुव प्रसाद, डीआईसी सिद्धार्थ सान्याल, महाप्रबंधक प्रवीण चंद्र मिश्रा, वरिष्ठ परामर्शी अंशु कुमार सिंह, वित्त प्रबंधक विवेक कुमार नायक तथा शिकायत निवारण प्रबंधक कुणाल भारती उपस्थित रहे.
बैठक में बताया गया कि नई स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी को जल्द से जल्द लागू करने के उद्देश्य से बीमा कंपनियों का चयन किया जा रहा है. नई व्यवस्था के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों को भुगतान सीजीएचएस दरों के अनुसार किया जाएगा. इससे भुगतान प्रणाली में पारदर्शिता और एकरूपता सुनिश्चित होगी.
योजना के अंतर्गत राज्य कर्मियों को देश के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर के अस्पतालों में उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. इनमें सीएमसी वेल्लोर, एआईजी हॉस्पिटल हैदराबाद, टाटा समूह के सभी अस्पताल, आईएलबीएस नई दिल्ली, राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर दिल्ली, नारायणा इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियक साइंसेज बेंगलुरु, अपोलो हॉस्पिटल चेन्नई, मेदांता द मेडिसिटी गुरुग्राम, इंडियन स्पाइनल इंजरीज़ सेंटर नई दिल्ली, नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट नई दिल्ली, शंकर नेत्रालय चेन्नई और कोलकाता, नारायणा हेल्थ बेंगलुरु तथा बीएम बिड़ला हार्ट रिसर्च सेंटर कोलकाता शामिल हैं. इन अस्पतालों में वास्तविक व्यय या सीजीएचएस दरों के आधार पर इलाज की सुविधा मिलेगी.
टेंडर प्रक्रिया के तहत कुल सात बीड प्राप्त हुए हैं. इससे पहले आयोजित प्री बीड बैठक में विभिन्न बीमा कंपनियों ने भाग लिया था और अपनी शंकाएं रखी थीं, जिनका विभाग द्वारा समयबद्ध निस्तारण कर दिया गया. अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर के समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित किए गए थे.
बीड जमा करने की अंतिम तिथि 16 फरवरी 2026 निर्धारित थी और नियमानुसार 24 घंटे बाद बीड ओपनिंग की गई. पूरी प्रक्रिया झारखंड टेंडर पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन संचालित की गई.
प्राप्त बीड में यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, आईसीआईसीआई लोम्बार्ड, टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी, बजाज एलियांज जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, एचडीएफसी एर्गो जनरल इंश्योरेंस कंपनी तथा इंडसइंड जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड शामिल हैं.
सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों की बीमा कंपनियों की भागीदारी से योजना में प्रतिस्पर्धा बढ़ी है. इससे राज्य कर्मियों को बेहतर बीमा कवरेज, अधिक विकल्प और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
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