Ranchi : झारखंड पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर दिसंबर माह के क्राइम आंकड़ों ने लोगों को चौंकाने के साथ-साथ मुस्कुराने का भी मौका दे दिया है. हाल यह है कि कहीं जिलों के नाम आंकड़ों से गायब हैं, तो कहीं एक ही जिला दो-तीन बार दर्ज है.
डैशबोर्ड पर उपलब्ध दिसंबर के आंकड़ों में गोड्डा जिला चार बार दर्ज है, जबकि पाकुड़, गिरिडीह रामगढ़, गुमला व सिमडेगा जिला दो-दो बार दर्ज है. हजारीबाग, चाईबासा, सरायकेला, जमशेदपुर, पलामू, गढ़वा व लातेहार जिला का नाम ही गायब है.

लोग मजाकिया अंदाज में कह रहे हैं- यह है- हाल-ए-झारखंड पुलिस. अपराध के आंकड़ों से पहले जिले में ही उलझा देंगे. सवाल यह उठ रहा है कि जब डैशबोर्ड का यह हाल है तो अपराध के आंकड़े की सटीकता का क्या हाल होगा?
क्राइम के आंकड़े को आमतौर पर गंभीर दस्तावेज माना जाता है, लेकिन वेबसाइट पर दिख रही इस गड़बड़ी ने इसे चर्चा का विषय बना दिया है. भले ही यह तकनीकी गलती हो, लेकिन सरकारी आंकड़ों में ऐसी चूक भरोसे पर असर डालती है. अब नजर इस बात पर है कि पुलिस मुख्यालय इस “आंकड़ों वाले मजाक” को कब तक सुधारता है और आगे ऐसी गलती दोबारा न हो, इसके लिए क्या कदम उठाए जाते हैं.
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