Ranchi: रांची विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती दीक्षांत मंडप, मोरहाबादी में रविवार को 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन किया गया. इस वर्ष की थीम ‘स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग’ (Yoga for Healthy Aging) रही, जिसका उद्देश्य बढ़ती उम्र में बेहतर स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और जीवन की गुणवत्ता के प्रति जागरूकता बढ़ाना था.
कार्यक्रम का आयोजन झारखंड सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की पहल पर किया गया. इसमें रांची विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) और स्कूल ऑफ योगा की सक्रिय भागीदारी रही.
कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, झारखंड के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, रांची विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सरोज शर्मा तथा रांची विधायक चन्द्रेश्वर प्रसाद सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही.
इस अवसर पर कुलपति प्रो. सरोज शर्मा ने योग के आदि प्रवर्तक आचार्य पतंजलि को नमन करते हुए कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं, बल्कि मन, बुद्धि और आत्मा के संतुलन का मार्ग है. उन्होंने सभी से योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की.
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रांची विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ योगा के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत ‘रिदमिक योग’ रहा. विद्यार्थियों ने योग आसनों की लयबद्ध एवं कलात्मक प्रस्तुति देकर दर्शकों को प्रभावित किया. इस प्रस्तुति ने योग के शारीरिक और मानसिक लाभों को प्रभावी रूप से प्रदर्शित किया.
इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कोलकाता से प्रसारित संबोधन का सीधा प्रसारण भी देखा गया. प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में ‘योग 365’ की अवधारणा पर बल देते हुए कहा कि योग केवल एक दिवस का आयोजन नहीं, बल्कि वर्ष के सभी 365 दिनों तक अपनाई जाने वाली जीवनशैली है.
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