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HC: अनुबंध पर कार्यरत प्राध्यापकों को सेवा से हटाने पर लगी रोक, पारिश्रमिक भुगतान रहेगा जारी

Ranchi News: हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता शिक्षकों के संबंध में निर्देश दिया कि वर्तमान में जिस पद पर याचिकाकर्ता शिक्षक कार्यरत हैं, उस पद से उन्हें न्यायालय की अनुमति के बिना सेवा से अलग/हटाया नहीं जाए तथा उनके पारिश्रमिक का भुगतान किया जाए.
 
झारखंड हाईकोर्ट

Ranchi News: झारखंड असिस्टेंट प्रोफेसर कॉन्ट्रैक्चुअल एसोसिएशन (JAPCA) द्वारा आवश्यकता-आधारित सहायक प्राध्यापकों (Need Based Assistant Professors) के नियमितीकरण की मांग को लेकर दायर रिट याचिका पर मंगलवार को झारखंड हाईकोर्ट ने आदेश पारित किया.

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हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता शिक्षकों के संबंध में निर्देश दिया कि वर्तमान में जिस पद पर याचिकाकर्ता शिक्षक कार्यरत हैं, उस पद से उन्हें न्यायालय की अनुमति के बिना सेवा से अलग/हटाया नहीं जाए तथा उनके पारिश्रमिक का भुगतान किया जाए. पहले इन्हें घंटी आधारित शिक्षक माना जाता था, लेकिन अब इन्हें आवश्यकता आधारित प्राध्यापक और व्याख्याता माना जाता है.

 

बता दें कि विगत 10 जून को हाई कोर्ट ने एक वाद की सुनवाई करते हुए वर्षों से राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में कार्यरत नीड बेस्ड असिस्टेंट प्रोफेसर को नियमितीकरण के लिए फ्रेश रिट दायर करने का निर्देश प्रदान किया था. इसके आलोक में राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों में कार्यरत 174 नीड बेस्ड असिस्टेंट प्रोफेसर ने रिट याचिका दायर की थी, जिसकी सुनवाई करते हुए हाइकोर्ट ने यह अंतरिम व्यवस्था प्रदान की है. 

 

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