- अगर कोई सांसद पार्टी छोड़ता है तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.
Lagatar Desk : महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. शिवसेना (यूबीटी) के कुछ सांसदों के पार्टी छोड़ने की अटकलों के बीच राज्यसभा सांसद संजय राउत ने नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नाराजगी जाहिर की और संभावित बागी नेताओं को कड़ी चेतावनी दी.
VIDEO | Delhi: Shiv Sena (UBT) MPs Sanjay Raut, Arvind Sawant and Anil Desai address a press conference.
— Press Trust of India (@PTI_News) June 17, 2026
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/tnudrrNA2M
राउत ने कहा कि उन्हें अभी तक किसी सांसद के पार्टी छोड़ने की आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है. हालांकि, अगर कोई सांसद पार्टी छोड़ता है तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.
शिवसेना (यूबीटी) ने कहा कि सांसदों की जीत के लिए पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे और कार्यकर्ताओं ने काफी मेहनत की है. ऐसे में पार्टी छोड़ने की खबरें दुखद हैं. उन्होंने संबंधित सांसदों से सामने आकर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की.
Maharashtra MPs being bought at Rs 15 crore, alleges Shiv Sena (UBT) leader Sanjay Raut.
— Press Trust of India (@PTI_News) June 17, 2026
There is no point in contesting elections if parties like TMC and Shiv Sena (UBT) are split: Sanjay Raut.
Out of 9 Sena (UBT) Lok Sabha MPs, only 3 - Anil Desai, Rajabhau Waje and Arvind… pic.twitter.com/g1jadP6b6d
राउत ने कहा कि यदि किसी को पार्टी छोड़नी है तो पहले सांसद पद से इस्तीफा देना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि अगर पार्टी में फिर से टूट हुई तो जनता और कार्यकर्ता चुप नहीं बैठेंगे.
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राउत ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र के कुछ सांसदों को 15-15 करोड़ रुपये का लालच दिया जा रहा है. हालांकि उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया.
उन्होंने कहा कि अगर क्षेत्रीय दलों को इसी तरह तोड़ा जाएगा तो लोकतंत्र और चुनाव प्रक्रिया का महत्व खत्म हो जाएगा. दिलचस्प बात यह रही कि शिवसेना (यूबीटी) के 9 लोकसभा सांसदों में से केवल तीन सांसद अनिल देसाई, अरविंद सावंत और राजाभाऊ वाजे ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद थे.
इधर सांसद अरविंद सावंत ने कहा कि मीडिया में कई तरह की भ्रामक खबरें चलाई जा रही हैं. उन्होंने दावा किया कि किसी भी सांसद ने पार्टी छोड़ने की बात नहीं कही है. सावंत ने बताया कि इस मामले को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को भी पत्र भेजा गया है.
वहीं अनिल देसाई ने कहा कि उनकी सभी सांसदों से बातचीत हुई है और सभी ने पार्टी के साथ बने रहने का भरोसा दिया है. उन्होंने बताया कि 18 जून को संसद भवन में शिवसेना (यूबीटी) संसदीय दल की अहम बैठक बुलाई गई है. माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद पार्टी की स्थिति और स्पष्ट हो सकती है.
हालांकि पार्टी नेतृत्व लगातार एकजुटता का दावा कर रहा है, लेकिन जिन छह सांसदों (नागेश पाटील आष्टीकर, संजय उत्तमराव देशमुख, ओमराजे निंबालकर, संजय (बंडू) जाधव, संजय दीना पाटिल व भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे) के नाम चर्चा में हैं, उनकी ओर से अब तक कोई सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है. जिसकी वजह से सस्पेंस अब भी बरकरार है.
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