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शेयर बाजार में आया भूचाल, सेंसेक्स 2272 अंक टूटा, मिनटों में निवेशकों के 14 लाख करोड़ डूबे

Lagatar Desk :  मिडिल ईस्ट चल रहे युद्ध का असर अब दुनिया के शेयर बाजारों पर दिखने लगा है. भारतीय शेयर बाजार भी इससे अछूता नहीं है. सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली. 

 

बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी धड़ाम हो गए. सेंसेक्स 2,272 अंक, जबकि निफ्टी 706 अंक टूट गया. शेयर बाजार में आये इस भूचाल के कारण कुछ ही मिनटों में निवेशकों के 14 लाख करोड़ स्वाहा हो गए.

 

सुबह करीब 9:21 बजे तक बीएसई का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 2,272 अंक यानी लगभग 2.87 प्रतिशत गिरकर 76,621 के स्तर पर पहुंच गया.  वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 706 अंक यानी करीब 2.89 प्रतिशत टूटकर 23,743 के आसपास कारोबार करता नजर आया.

 

हालांकि थोड़ी देर में बाजार में थोड़ी रिकवरी देखने को मिली. लेकिन फिर भी यह लाल निशान पर कारोबार कर रही है. सुबह 10 बजकर 20 मिनट में सेंसेक्स 2172.86 अंक टूटकर 76746.84 के लेवल पर ट्रेड करता नजर आया.

 

इसी तरह निफ्टी भी  670.65 अंक गिरकर 23779.80 के स्तर पर जा पहुंचा. 6 मार्च को बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप 4,49,68,260.81 करोड़ था, जो 9 मार्च को बाजार खुलने के साथ ही घटकर 4,35,70,085.27 करोड़ रह गया.

 

इस तरह कुछ ही समय में निवेशकों की कुल संपत्ति करीब 13,98,175.54 करोड़ कम हो गई. 

30 शेयरों वाले सेंसेक्स के सभी शेयर लाल निशान पर

आज के कारोबार बाजार में 30 शेयरों वाले सेंसेक्स में सभी शेयर लाल निशान पर ट्रेड कर रहे हैं. टॉप लूजर की लिस्ट में इंटर ग्लोब एविएशन (6.67%), एसबीआई (6.34%), एशियन पेंट्स (4.91%), मारुति सुजुकी (4.94%) और लार्सन (4.48%) के शेयर शामिल हैं.

 

इसके अलाव टाटा स्टील (4.11%), महिंद्रा एंड महिंद्रा (4.01%), अडानी पोर्ट्स (3.61%), इटर्नल (3.60%), अल्ट्राटेक सीमेंट (3.56%), आईसीआईसीआई बैंक (3.38%), एक्सिस बैंक (3.38%), पावर ग्रिड कॉर्प (3.31%) और भारत इलेक्ट्रिक (3.23%) के शेयर भी गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं.

 

जबकि एचडीएफसी बैंक (3.09%), ट्रेंट (3.16%), बजाज फिनसर्व (2.79%), कोटक महिंद्रा बैंक (2.49%), बजाज फाइनेंस (2.70%), एचयूएल (2.21%), टाइटन(2.12%), एनटीपीसी (1.83%), आईटीसी (1.82%), टीसीएस (1.71%) और सनफार्मा (1.41%) के शेयर भी लाल निशान पर ट्रेड कर रहे हैं.

 

पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीति तनाव गिरावट की मुख्य वजह

दरअसल इस गिरावट के पीछे पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव मुख्य कारण माना जा रहा है.  ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते टकराव ने वैश्विक बाजारों को प्रभावित किया है,

 

इस तनाव का असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी पड़ा है.  ब्रेंट क्रूड की कीमत बढ़कर 117 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है. कच्चे तेल की कीमतों के बढ़ने पर महंगाई बढ़ने की भी आशंका बढ़ गई है.

 

यही वजह है कि भारत ही नहीं, बल्कि एशिया के कई शेयर बाजारों में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है और निवेशकों में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है.

 

 

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