lagatar Desk : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान के बाद वैश्विक बाजार में दबाव देखने को मिल रहा है. भारतीय शेयर बाजार भी इससे अछूता नहीं है. गुरुवार को बाजार खुलते ही भारी गिरावट दर्ज की गई.
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 1500 अंकों की गिरावट के साथ खुला. जबकि निफ्टी भी लाल निशान पर शुरू हुआ. सुबह 9:56 बजे तक सेंसेक्स 1461.53 अंक (2.00%) गिरकर 71,675.79 पर कारोबार कर रहा था. जबकि निफ्टी 457.00 अंक (2.02%) टूटकर 22,222.00 पर पहुंच गया.
निफ्टी बैंक भी 1292.85 अंक फिसलकर 50155.80 के लेवल पर नजर आ रहा है. बाजार में बिकवाली का दबाव साफ देखा जा रहा है. करीब 566 शेयरों में बढ़तोरी, जबकि 1823 शेयरों में गिरावट देखी जा रही है, वहीं 130 शेयर में कोई बदलाव नहीं आया है.
शेयर बाजार में आई इस गिरावट के कारण कुछ ही मिनटों में निवेशकों के करीब 11 लाख करोड़ रुपये डूब गए. बीएसई का कुल मार्केट कैप 422 लाख करोड़ रुपये से घटकर करीब 412 लाख करोड़ रुपये रह गया.
आज के कारोबार में 30 शेयरों वाले सेंसेक्स के केवल एक शेयर हरे निशान पर नजर आ रहे हैं. जबकि 29 शेयर लाल निशान पर ट्रेड कर रहे हैं. टीसीएस के शेयरों में सबसे अधिक 0.07 फीसदी की तेजी देखी जा रही है. वहीं इंटरग्लोब एविएशन में सबसे अधिक 4.35 फीसदी की गिरावट नजर आ रही है.
आज के टॉप लूजर की लिस्ट में इंटरग्लोब एविएशन (4.35%), सनफार्मा (4.15%), लार्सन (3.45%), अडानी पोर्ट्स (3.36%) और टाटा स्टील (3.21%) के शेयर शामिल हैं. इसके अलावा इटर्नल, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एसबीआई, ट्रेंट, कोटक महिंद्रा बैंक, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व और एनटीपीसी के शेयर भी लाल निशान पर नजर आ रहे हैं.
वहीं एशियन पेंट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाइटन, एक्सिस बैंक, पावर ग्रिड, रिलायंस, भारत इलेक्ट्रिक, भारती एयरटेल, एचयूएल, मारुति सुजुकी, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, इंफोसिस, आईटीसी, टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक भी गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं.
बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है. उन्होंने कहा कि अमेरिका अगले 2-3 हफ्तों में ईरान पर कार्रवाई कर सकता है. हालांकि उन्होंने युद्ध खत्म करने को लेकर कोई स्पष्ट योजना पेश नहीं की.
इस आक्रामक रुख से भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने की आशंका है, जिसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक बाजारों के रुख पर पड़ रहा है. ट्रंप के इस बयान के बाद एशियाई बाजारों में भी करीब 1.2% की गिरावट देखी गई. साथ ही कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर 105 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं, जिससे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें


Leave a Comment