Ranchi : JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते की CID द्वारा गिरफ्तारी को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि यह गिरफ्तारी सिर्फ दिखावे के लिए की गई है और सरकार बाद में मामले को ठंडे बस्ते में डाल सकती है.
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि छात्रों का आंदोलन केवल JPSC तक सीमित नहीं है. JSSC की सहायक आचार्य, CGL, उत्पाद सिपाही और PGT जैसी परीक्षाओं में भी गड़बड़ी के आरोप लगे हैं. उन्होंने कहा कि इन परीक्षाओं में बड़े स्तर पर धांधली कर नौकरियां बेचने का आरोप है.
उन्होंने कहा कि अगर सरकार वास्तव में कार्रवाई करना चाहती है तो JPSC के तीनों सदस्यों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए. इसके साथ ही JSSC-CGL परीक्षा के समय आयोग में जिम्मेदार रहे तत्कालीन अधिकारियों नीरज सिन्हा और सुधीर गुप्ता की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए.
मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबी बताए गए विनोद के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की. उन्होंने आरोप लगाया कि अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड उसके पास रखे गए थे.
नेता प्रतिपक्ष ने JSSC के प्रभारी चेयरमैन IAS प्रशांत कुमार को तत्काल निलंबित करने और उनके खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की. उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए CBI जांच कराने की भी मांग की.
बाबूलाल ने कहा कि छात्रों की सभी मांगों और भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि दोषियों पर कार्रवाई हो सके और युवाओं का परीक्षा व्यवस्था पर भरोसा वापस आए.
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