Ranchi : झारखंड लोक सेवा आयोग की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है. आज बड़ी संख्या में उम्मीदवार जेपीएससी कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए. प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि आयोग द्वारा तय की गई आयु सीमा उनके भविष्य के साथ अन्याय है.
अभ्यर्थियों ने बताया कि जेपीएससी ने 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा के लिए आयु सीमा की गणना 1 अगस्त 2026 के आधार पर निर्धारित की है, जबकि 13वीं जेपीएससी परीक्षा में यह गणना वर्ष 2017 के अनुसार की गई थी. अचानक किए गए इस बदलाव से लाखों योग्य उम्मीदवार परीक्षा फॉर्म भरने से वंचित हो जाएंगे.
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि 14वीं जेपीएससी परीक्षा के लिए भी आयु सीमा की गणना 1 अगस्त 2018 के आधार पर की जाए, ताकि अधिक से अधिक अभ्यर्थियों को अवसर मिल सके. इसके साथ ही अभ्यर्थियों ने कुल पदों की संख्या बढ़ाने और परीक्षा तिथि को कम से कम एक माह के लिए स्थगित करने की भी मांग की है.
धरना स्थल पर मौजूद एक अभ्यर्थी ने भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूर्व की भर्तियों में दिव्यांग कोटे की सीटों को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं, जिनका अब तक स्पष्ट समाधान नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि यदि आयोग ने समय रहते स्थिति स्पष्ट नहीं की, तो अभ्यर्थियों का भरोसा पूरी तरह टूट जाएगा.प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने इसे अपने जीवन का करो या मरो का सवाल बताते हुए कहा कि मौजूदा नीतियां उनके करियर को सीधे तौर पर प्रभावित कर रही हैं.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें



Leave a Comment