- फूलों की अनुपम कलाकृति के बीच गमलों में उन्नति वानिकी ने सबका मन मोहा
- 2000 से अधिक वनस्पतिक प्रजातियों की लगाई गई प्रदर्शनी
की आस ही नहीं टूटी, डूब गए 65 करोड़ उन्होंने बारी-बारी से हरेक कैटेगरी में लगाए गए प्रदर्शों का अवलोकन किया और डीपीएस बोकारो द्वारा उच्चस्तरीय शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ बच्चों को प्रकृति से जोड़े रखने के इस प्रयास की सराहना की. उन्होंने कहा कि प्रकृति रंगों से भरी है. इसका दिया कुछ भी व्यर्थ नहीं, सब अनमोल है. विद्यालय के प्राचार्य डॉ. गंगवार ने कहा कि फुलवारी का उद्देश्य बच्चों को प्रकृति की रक्षा, उसके पोषण और पर्यावरण-संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाना है. उनका मिट्टी से जुड़ाव आवश्यक है. इसी ध्येय से विद्यालय हर साल यह आयोजन करता है. इस दौरान मुख्य अतिथि व प्राचार्य ने पौधारोपण भी किया. उल्लेखनीय है कि `फुलवारी` में बच्चे व उनके अभिभावक जिन पौधों को गोद लेते हैं, उनकी बेहतर तरीके से देखभाल करते हैं. उन पौधों की प्रदर्शनी लगाई जाती है और उनमें उत्कृष्टता के आधार पर कुछ को पुरस्कृत भी किया जाता है. पौधों की उत्कृष्टता यानी स्वास्थ्य, मिट्टी, बनावट व उसके महत्व के आधार पर निर्णायकों ने पुरस्कार के लिए पौधों का चयन किया. प्रत्येक कैटेगरी के प्रथम, द्वितीय व तृतीय विजेता बाद में पुरस्कृत किए जाएंगे. सीनियर विंग में नीलम सिंह, शालिनी ठाकुर व निधि खरे तथा प्राइमरी विंग में डॉ. रीमा गुप्ता, श्वेता सिंह एवं सुनील कुमार निर्णायकों की भूमिका में रहे. इसे भी पढ़ें : हेमंत">https://lagatar.in/hemant-sorens-tenure-was-excellent-champai-soren/">हेमंत
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