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DSPMU में एक व्यक्ति, एक पद की मांग को लेकर छात्रों का धरना, भूख हड़ताल

DSPMU में प्रशासनिक पदों के असमान वितरण और विभिन्न छात्र समस्याओं को लेकर छात्र संगठनों ने एक दिवसीय धरना और भूख हड़ताल कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया.
 

Ranchi : DSPMU में प्रशासनिक पदों के असमान वितरण और विभिन्न छात्र समस्याओं को लेकर छात्र संगठनों ने एक दिवसीय धरना और भूख हड़ताल कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. छात्रों की प्रमुख मांग है कि विश्वविद्यालय में ‘एक व्यक्ति, एक पद’ के नियम को सख्ती से लागू किया जाए, ताकि शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सकें.

 

प्रदर्शनकारी छात्रों ने आरोप लगाया कि राज्यपाल के निर्देश के बावजूद विश्वविद्यालय में इस नियम का पालन नहीं किया जा रहा है. उनका कहना है कि विश्वविद्यालय में कुल 35 प्रमुख पद हैं, लेकिन पदों का वितरण बेहद असंतुलित है. आरोप है कि 8 से 10 शिक्षकों के पास ही 6 से 7 पद एक साथ हैं, जबकि अन्य योग्य शिक्षकों को कोई जिम्मेदारी नहीं दी गई है. छात्रों ने उदाहरण देते हुए कहा कि एक संविदा शिक्षक इंद्रनाथ साहू को 6 से 10 विभागों का प्रमुख बनाया गया है, जो समान अवसर के सिद्धांत के खिलाफ है.

 

छात्रों ने इसे संविधान के अनुच्छेद 16 का उल्लंघन बताते हुए कहा कि सभी को समान अवसर मिलना चाहिए. उनका यह भी कहना है कि इन पदों का वर्गीकरण एसटी, एससी, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस श्रेणियों के आधार पर होना चाहिए था, जो अब तक नहीं किया गया है.

 

पदों के एकाधिकार का असर सीधे तौर पर विश्वविद्यालय के लगभग 16,000 छात्रों पर पड़ रहा है. छात्रों का कहना है कि छोटे-छोटे कार्यों, जैसे परीक्षा फॉर्म पर हस्ताक्षर कराने के लिए उन्हें पूरे कैंपस में भटकना पड़ता है.कई बार अधिकारी अपने कार्यालयों में उपलब्ध नहीं होते, जिससे काम लंबित रह जाते हैं. इस अव्यवस्था के कारण विश्वविद्यालय का सत्र भी प्रभावित हो रहा है, परीक्षाएं समय पर नहीं हो पा रही हैं और शैक्षणिक गतिविधियां बाधित हो रही हैं.

 

प्रदर्शन को आदिवासी छात्र संघ (आईएसए) सहित कई छात्र संगठनों का समर्थन मिला. विरोध के बाद कुलपति ने छात्रों की मांगों पर संज्ञान लेते हुए एक सप्ताह के भीतर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है. साथ ही उन्होंने अगले 2 से 24 घंटों के भीतर पदों के बंटवारे को लेकर आधिकारिक अधिसूचना जारी करने की बात कही है.

 

हालांकि, छात्रों ने साफ कर दिया है कि वे केवल मौखिक आश्वासन से संतुष्ट नहीं होंगे. उनका कहना है कि जब तक उन्हें कुलपति से लिखित आश्वासन नहीं मिल जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा. छात्रों ने चेतावनी दी है कि लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही वे अपना प्रदर्शन समाप्त करेंगे और उसे सार्वजनिक रूप से मीडिया के सामने प्रस्तुत करेंगे.

 

 

 

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