- याचिका की निष्पादित
Ranchi : रामगढ़ स्थित मां छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर के आसपास के प्रार्थियों (दुकानदारों) को एक माह में पुनर्वासित करने से संबंधित मामले की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट में हुई. मामले में हाईकोर्ट कि न्यायमूर्ति आनंदा सेन की कोर्ट ने प्रार्थियों को एक माह के भीतर पुनर्वासित करने का डीसी रामगढ़ को निर्देश दिया.
रामगढ़ जिला प्रशासन ने 15 अप्रैल 2026 तक मंदिर परिसर के दुकानदारों को हटाने का नोटिस दिया था. जिसके खिलाफ हाईकोर्ट में अरुप कुमार पांडा एवं अन्य की ओर से याचिका दाखिल की गई थी.
दरअसल, हाईकोर्ट ने 11.08.2023 को एक जनहित याचिका में मां छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण के संदर्भ में आदेश पारित किए थे. इसमें कहा था कि मंदिर के निकट नदी किनारे की भूमि का अतिक्रमण हटाया जाए तथा मंदिर तक पहुंचने के मार्ग में किए गए अतिक्रमण को हटाया जाए. यदि अवैध दुकानों को हटाना आवश्यक हो तो उन्हें हटाया जाए तथा विस्थापित व्यक्तियों को उचित स्थान पर पुनर्स्थापित किया जाए.
जिला प्रशासन ने हाईकोर्ट के 11.08.2023 को पारित इस आदेश के अनुपालन को लेकर वहां से अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया है. लेकिन जिला प्रशासन ने बिना पुनर्वास किये अतिक्रमण हटाने के लिए दुकानदारों को तीन दिन का नोटिस दिया था जिसे हाईकोर्ट में प्रार्थियों ने चुनौती दी थी जिस पर आज (बुधवार) सुनवाई हुई. प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता राधाकृष्ण गुप्ता एवं अधिवक्ता पिंकी साहब ने पक्ष रखा.
यहां बता दें की जनहित याचिका में दिए गए निर्देशों में मां छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण, स्थायी स्नान घाटों का निर्माण, वस्त्र बदलने के कक्ष, शौचालयों की व्यवस्था, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, चिकित्सीय सुविधाएं सुनिश्चित करना, अतिक्रमण हटाना, नदी का चौड़ीकरण आदि शामिल हैं.
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