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नियोजन नीति पर स्टूडेंट्स यूनियन ने की विधायक से मुलाकात, मिला समर्थन

Hazaribagh : झारखंड स्टेट स्टूडेंट्स यूनियन हजारीबाग इकाई के सदस्यों ने राज्यस्तरीय जनप्रतिनिधियों से मिलने की मुहिम के तहत मंगलवार की सुबह हजारीबाग के सदर विधायक मनीष जायसवाल से मुलाकात की. यूनियन ने नियोजन नीति को वापस लेते हुए क्षेत्रीय व जनजातीय भाषा आधारित संवैधानिक नियोजन नीति लागू कर यहां के सरकारी विभागों में झारखंडी छात्रों को नियुक्त करने की मांग की. यूनियन ने विधायक को समर्थन पत्र में कहा कि इससे प्राचीन पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था, पर्व-त्योहार, भाषा-संस्कृति, रीति-रिवाज के संरक्षण के लिए वह पहल करें. विधायक मनीष जायसवाल ने समर्थन पत्र के लिए तत्काल हामी भरी. झारखंड स्टेट स्टूडेंट्स यूनियन के सदस्यों ने इस संबंध में विधायक को मांग पत्र भी सौंपा. इसमें उन्होंने लिखा कि वर्तमान झारखंड सरकार ने राज्य के सभी तृतीय एवं चतुर्थ वर्गीय पदों पर नियुक्ति के लिए डॉ. रामदयाल मुंडा रिपोर्ट 1980 के क्षेत्रीय एवं जनजातीय भाषा बैरियर को ध्वस्त करते हुए 2016 से पूर्व यानी 60- 40 हक मार नियोजन नीति को लागू कर दिया है. वर्तमान नियुक्ति विज्ञापन में झारखंड शब्द का जिक्र भी नहीं है तथा नियोजन फॉर्म भरते समय स्थानीय प्रमाण पत्र क्रमांक भी नहीं मांगा जा रहा है. इससे राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों में रिक्त पड़े 3.52 लाख खाली पदों में बाहरी (अन्य राज्यों) का अतिक्रमण होने जा रहा है. झारखंड मूल प्राचीन पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था, पर्व- त्योहार, भाषा- संस्कृति, रीति- रिवाज, जल- जंगल- जमीन के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है. विधायक ने यूनियन की मांगों पर कहा कि वह इस बारे में कई बार सड़क से लेकर सदन तक मुखरता से आवाज बुलंद कर चुके हैं. वर्तमान सरकार में युवाओं को न नौकरी मिली और न बेरोजगारी भत्ता. राज्य के युवाओं को मिली तो सिर्फ लूट, झूठ व लाठी. वह यूनियन की मांगों के साथ हैं. मौके पर झारखंड स्टेट स्टूडेंट्स यूनियन, हजारीबाग इकाई के संजय महतो, विनय मेहता, बादल गुप्ता, राजेश मंडल, गौतम कुमार मेहता, अनुपम कुमार, संगम प्रजापति, पवन कुमार, कैलाश कुमार, ज्योति कुमारी, खुशबू कुमारी, दिव्या कुमारी, नीतू कुमारी आदि मौजूद थे. इसे भी पढ़ें : JAC">https://lagatar.in/jac-10th-and-12th-science-board-results-released/">JAC

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