Ranchi : जमीन खरीद मामले में ठगी के शिकार सब-जज ने भू-माफिया को जिला बदर करने का अनुरोध किया है. इस सिलसिले में उन्होंने गिरिडीह के उपायुक्त को एक पत्र लिखा है. इसमें बबलू अंसारी, सरफराज और सद्दाम पर CCA के तहत कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है.
सब-जज नईम अंसारी की ओर से उपायुक्त को भेजे गये पत्र में कहा गया है कि इन व्यक्तियों द्वारा गिरोह बनाकर भंडारीडीह व आसपास के गरीब व कमजोर लोगों की जमीन और मकान पर जबरन कब्जा किया जाता है. इसके बाद उसका फर्जी दस्तावेज तैयार कर बेचा जाता है.
जिले के तत्कालीन अवर निबंधक ने पत्र (199/21- दिनांक 24-6-2021) में इससे संबंधित तथ्यों को स्वीकार किया है. जिला अवर निबंधक द्वारा लिखे गये पत्र में कहा गया है कि बबलू अंसारी व अन्य द्वारा अक्सर नियम विरूद्ध काम करने के लिए अनावश्यक दबाव बनाया जाता रहा है.
साथ ही काम नहीं करने पर कार्यालय के कर्मचारियों व पदाधिकारियों पर झूठा आरोप लगाया जाता रहा है. मुख्यमंत्री जनसंवाद में भी शिकायत कर दबाव बनाने की कोशिश की जाती है.
उपायुक्त को भेजे गये पत्र में कहा गया है कि इन लोगों ने भंडारीडीह के खाता नंबर 17, प्लॉट नंबर 443, रकबा चार डिसमिल का फर्जी दस्तावेज बनाया. इस जमीन की जमाबंदी नियाज अहमद कुरैशी के नाम पर है. नियाज अहमद कुरैशी चीक (मुस्लिम) जाति के सदस्य है.
चीक की जमीन छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम से प्रभावित है. इस जमीन की खरीद बिक्री दूसरी जातियों के बीच नहीं हो सकती है. लेकिन बबलू अंसारी व अन्य ने इस जमीन का फर्जी दस्तावेज बना कर अंसारी समुदाय के नाम पर कर लिया.
इसी जमीन की बिक्री के लिए उनसे (सब-जज) से एग्रिमेंट कर पांच लाख रुपये लिए. जमीन के मुद्दे पर की गयी जालसाजी की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने बबलू अंसारी व अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी है. इसके अलावा नियाज अहमद की बेटी ने भी अपने पिता की जमीन पर बने मकान को तोड़कर उस पर कब्जा करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करायी है.
पत्र में कहा गया है कि इन लोगों के खिलाफ जिले के थानों में अनेक मामले दर्ज हैं, इसलिए उपायुक्त और एसपी से इन लोगों के आपराधिक इतिहास की जांच कराकर CCA के तहत कार्रवाई करते हुए जिला बदर करें.
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