Lagatar Desk : भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए शनिवार का दिन ऐतिहासिक रहा. हैदराबाद की निजी कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस ने भारत के पहले निजी ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से सफलतापूर्वक लॉन्च किया. इस मिशन को मिशन आगमन का नाम दिया गया है.
पीएम मोदी ने इसे अंतरिक्ष यात्रा का नया अध्याय बताया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस उपलब्धि पर स्काईरूट की पूरी टीम को बधाई दी है और इसे भारत की अंतरिक्ष यात्रा का नया अध्याय बताया है. लॉन्च से पहले उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर लिखा कि भारत के लिए यह एक ऐतिहासिक शुरुआत है.
मोदी ने कहा कि विक्रम-1 देश का पहला निजी तौर पर विकसित ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल है, जो भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र की बढ़ती ताकत को दिखाता है. कहा कि यह चार स्टेज वाला रॉकेट जरूरत के मुताबिक और तेजी से लॉन्च सेवाएं देने के लिए तैयार किया गया है.
पीएम मोदी ने इसे देश के युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और नवाचार का प्रतीक बताया. साथ ही कहा कि यह मिशन अंतरिक्ष-क्षेत्र के सुधार इनोवेशन और उद्यम के लिए नए अवसर खोल रहे हैं. उन्होंने स्काईरूट एयरोस्पेस की टीम को सफल मिशन के लिए शुभकामनाएं दी.
नरेंद्र मोदी ने कामना की कि विक्रम-1 नई ऊंचाइयों को छुए और आने वाली पीढ़ी के इनोवेटर्स को प्रेरित करे. उन्होंने लोगों, खासकर युवाओं से इस मिशन को देखने और इंडिया वीथ विक्रम 1 के जरिए टीम का उत्साह बढ़ाने की अपील भी की.
A historic new frontier for India’s space journey!
— Narendra Modi (@narendramodi) July 18, 2026
At 11:30 AM today, Skyroot Aerospace will undertake the maiden orbital launch of Vikram-1, India’s first privately developed launch vehicle.
This four-stage rocket is designed to provide rapid and on-demand launch services.… pic.twitter.com/1qFVTwNOuZ
पूर्व इसरो प्रमुख ने भी दी शुभकामनाएं
इसरो के पूर्व अध्यक्ष एस. सोमनाथ ने भी स्काईरूट एयरोस्पेस को बधाई दी. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक रॉकेट की पहली उड़ान नहीं, बल्कि भारत के निजी अंतरिक्ष उद्योग के लिए एक बड़ी उपलब्धि है. उनके मुताबिक यह मिशन दिखाता है कि देश की निजी कंपनियां अब अंतरिक्ष तकनीक में भी मजबूत भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं.
My very best wishes to Team Skyroot Aerospace on the test launch of Mission Aagaman with Vikram-1 orbital rocket today.
— Dr. S Somanath (@SomanathSpeak) July 18, 2026
This is far more than the maiden orbital flight of a rocket, it marks the arrival of India’s private rocket building capability and reflects the remarkable… pic.twitter.com/KIvQpX5mDd
350 किलोग्राम तक का भार ले जा सकता है विक्रम-1
विक्रम-1 पूरी तरह कार्बन-कंपोजिट स्ट्रक्चर से बना हल्का और मजबूत ऑर्बिटल रॉकेट है. इसे कई वर्षों की तैयारी और परीक्षण के बाद लॉन्च किया गया है. यह रॉकेट करीब 350 किलोग्राम तक का पेलोड अंतरिक्ष में ले जाने में सक्षम है.
इसमें कंपनी द्वारा विकसित इंजन लगाए गए हैं, जिनमें आधुनिक 3डी प्रिंटेड इंजन भी शामिल हैं. मिशन के तहत ग्रह स्पेस, कॉस्मोसर्व, डीक्यूब्ड और स्काईरूट के तकनीकी पेलोड भेजे गए हैं. इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हस्तलिखित वंदे मातरम संदेश, इसरो के वर्तमान और पूर्व प्रमुखों के संदेश तथा भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों के संदेश भी इस मिशन का हिस्सा हैं.
परीक्षण उड़ान से मिलेगी कई जानकारियां : स्काईरूट सीईओ
स्काईरूट एयरोस्पेस के सह-संस्थापक और सीईओ पवन कुमार चांदना ने कहा कि विक्रम-1 की ग्राउंड टेस्टिंग पूरी सावधानी से की गई है. उन्होंने कहा कि यह पहली परीक्षण उड़ान है, जिससे कंपनी को महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारी मिलेगी. उनके अनुसार यह मिशन भविष्य में नियमित लॉन्च सेवाओं की दिशा में मजबूत आधार साबित होगा.
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