Gujrat : सीबीआई के विशेष न्यायाधीश की अदालत ने इंडियन ओवरसीज बैंक (गुजरात) के तत्कालीन मैनेजर नीरज कुमार जैन और निजी व्यक्ति केतन कुमार मोहन लाल पटेल के तीन-तीन साल की जेल की सजा दी है. साथ ही दोनों पर कुल 1.12 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है.
न्यायालय ने एक अभियुक्त को बरी कर दिया है. जबकि एक अभियुक्त फरार घोषित किया जा चुका है.
सीबीआई ने वर्ष 2014 में बैंक ऑफ इंडिया में हुए घोटाले के सिलसिले में प्राथमिकी दर्ज की थी. जांच के बाद सीबीआई ने चार लोगों के खिलफ आरोप पत्र दायर किया था. इसमें बैंक मैनेजर नीरज कुमार जैन के अलावा निलेश दयाभाई पटेल, केतन कुमार मोहन लाल पटेल और अविनाश यशवंत पटेल का नाम शामिल था.
निलेश दयाभाई पटेल को न्यायालय ने फरार घोषित कर दिया है. अविनाश यशवंत पटेल के बरी कर दिया है.
सीबीआई ने मामले की जांच में पाया था कि नीरज कुमार जैन ने अपने कार्यकाल के दारान अभियुक्त के साथ साजिश रची थी. इसके बाद नीरज ने ग्रीन हाउस प्रोजेक्ट के लिए अभियुक्तों को 2.60 करोड़ का एग्रिकल्चर टर्म लोन दिया.
इसके लिए फर्जी दस्तावेज को सही बताया गया था. बाद में अभियुक्तों ने इस कर्ज का भुगतान नहीं किया, जिससे बैंक को 2.60 करोड़ का नुकसान हुआ.
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