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अवैध धर्मांतरण के लिए विवाह का इस्तेमाल किया जाता है
जस्टिस एमआर शाह और सीटी रविकुमार ने सुनवाई के क्रम में कहा कि सभी धर्मांतरण को अवैध नहीं कहा जा सकता. सुप्रीम कोर्ट द्वारा राज्य सरकार की याचिका पर नोटिस जारी करते हुए मामले की सुनवाई 7 फरवरी को निर्धारित की गयी है. राज्य सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि अगर अवैध धर्मांतरण के लिए विवाह का इस्तेमाल किया जाता है, तो वह आंख बंद नहीं सकती. हालांकि उन्होंने कहा कि शादी या धर्मांतरण पर कोई रोक नहीं है, लेकिन इसके लिए केवल जिलाधिकारी को सूचित करना आवश्यक है. इसे भी पढ़ें : रीजीजू">https://lagatar.in/rijiju-lays-foundation-stone-of-dalai-lama-center-for-tibetan-and-indian-ancient-wisdom-at-bodh-gaya/">रीजीजूने बोधगया में दलाई लामा सेंटर फॉर तिब्बतन एंड इंडियन एंशियंट विजडम की नींव रखी
तुषार मेहता ने उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगाने की मांग की
तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की कि उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगायी जाये. लेकिन SC ने कोई निर्देश पारित करने से इनकार कर दिया. राज्य सरकार ने दलील दी थी कि उच्च न्यायालय के आदेश ने धारा 10 (1) को मध्य प्रदेश धर्म स्वतंत्रता अधिनियम, 2021 की धारा 10 (2) के साथ मिला दिया है. इसमें कहा गया है कि जो प्रावधान धर्मांतरण के इच्छुक नागरिको पर लागू होता है, वह धारा 10(1) है और इस प्रावधान के उल्लंघन का कोई दंडात्मक परिणाम नहीं है और कोई मुकदमा नहीं चलाया जाता है. इसे भी पढ़ें : झारखंड">https://lagatar.in/in-jharkhand-try-hard-coal-workers-bat-bat-all-primary-schools-closed-till-8/">झारखंडमें जोर आजमाइश, कोल कर्मियों की बल्ले-बल्ले, 8 तक सभी प्राथमिक स्कूल बंद, अनशन पर बैठे जैन मुनि का निधन समेत कई बड़ी खबरों के लिए जरूर पढ़ें अपना प्रिय अखबार शुभम संदेश

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