Ranchi News: सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड और बिहार के बंद हो चुके (निष्क्रिय) पांच निगमों के कर्मचारियों को एक-एक लाख रुपये देने का आदेश दिया है. साथ ही EPF के बकाया राशि पर 12% और अन्य बकाये पर 6% की दर से सूद का भुगतान करने का आदेश दिया है. न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप नाथ की पीठ ने बिहार राज्य अर्ध सरकारी अराजपत्रित कर्मचारी संघ बनाम बिहार व अन्य के मामले में सुनवाई के बाद 28 सितंबर को यह आदेश दिया है. इससे हाईटेंशन इंसुलेटर फैक्ट्री, टाटीसिल्वे स्थित इलेक्ट्रिक इक्विपमेंट फैक्ट्री के कर्मचारियों सहित अन्य निगमों के को एक-एक लाख रुपये मिलेगा.
सुप्रीम कोर्ट ने जिन पांच बंद हो चुके निगमों के कर्मचारियों को यह रकम देने का आदेश दिया है, उसमें बिहार राज्य निर्माण निगम, बिहार राज्य औद्योगिक विकास निगम, बिहार राज्य वन विकास निगम और बिहार राज्य पंचायती राज वित्तीय विकास निगम का नाम शामिल है. इन निगमों के 2274 कर्मचारियों के बकाये का भुगतान हो सकेगा.
इसे भी पढ़ें -
सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश के अनुपालन के लिए एक साल का समय दिया है. एकीकृत बिहार के विभाजन के बाद बिहार पुनर्गठन अधिनियम की 2000 में निहित प्रावधानों के तहत इन कर्मचारियों के देनदारी दोनों राज्यों को दोनों राज्य के बीच विभाजित किया जाना था. लेकिन दोनों ही राज्य सरकारों द्वारा इन निगमों के घाटे में होने का हवाला देते हुए इन्हें बंद कर दिया गया था.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

