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हजारीबाग : बरसोत पंचायत का हैरतअंगेज फरमान, थानेदार अनजान, जानिये पूरा मामला

भुक्तभोगी ने मुखिया व अन्य पर मढ़ा रंगदारी मांगने का आरोप, प्रशासन समेत सीएम से लगाई सुरक्षा की गुहार Hazaribagh : हजारीबाग के बरही स्थित बरसोत पंचायत ने हैरतअंगेज फरमान जारी किया है. वहां की पंचायत ने ग्रामीण विनोद कुमार सिंह पर शारीरिक, आर्थिक और सामाजिक बहिष्कार का दंड लगाया है. इस संबंध में भुक्तभोगी ने डीसी-एसपी समेत मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा है कि पंचायत में यह फरमान सुनाया गया है कि शारीरिक और आर्थिक दंड के अलावा सामाजिक बहिष्कार के तहत कोई गांव वाला उसके घर शादी-विवाह, पूजा-पाठ या मरनी कार्यक्रम में शामिल नहीं होगा. सीएम को सौंपे ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि मुखिया मोतीलाल चौधरी ने भू-अर्जन से मिली राशि में से उनसे रंगदारी मांगी. पैसे नहीं दिए जाने के कारण पंचायती कर यह सब दंड लगाया गया. साथ ही अपने सहयोगी संतोष कुमार पांडेय उर्फ पप्पू कुमार पांडेय के साथ मिलकर उन पर जानलेवा हमला कराया. इसमें विनोद कुमार सिंह के सहयोगी अश्विनी कुमार सिन्हा पर भी जानलेवा हमला किया गया. उनके घर की महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया. साथ ही झूठा आरोप लगाकर बरही थाने में उल्टा उन्हीं लोगों के खिलाफ प्राथमिकी करा दी. यह मामला 22 जनवरी का बताया गया है. उस वक्त से उनलोगों को शारीरिक, मानसिक, आर्थिक और सामाजिक दंड का कहर झेलना पड़ रहा है. आवेदन में भुक्तभोगियों ने सीएम से गुहार लगाई है कि दोषियों पर कार्रवाई कराते हुए उनलोगों की जान-माल की रक्षा की जाए. इसे भी पढ़ें : बड़ी">https://lagatar.in/big-news-the-clerk-of-the-regional-deputy-directors-office-turned-out-to-be-fake/">बड़ी

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भूमि मुआवजा राशि से जुड़ा है मामला : मुखिया

मुखिया मोतीलाल चौधरी ने बताया कि मामला भूमि मुआवजा राशि से जुड़ा है. एनएच के किनारे विनोद कुमार सिंह और अश्विनी कुमार सिन्हा की जमीन थी. वहीं बगल में मंदिर और नेहरू युवा केंद्र का ऑफिस था. मंदिर की जमीन भी एनएच में जा रही थी. ऐसे में सेट्लमेंट के तहत दोनों ग्रामीणों को इस विश्वास के तहत पूरा मुआवजा लेने को कहा गया कि भविष्य में मंदिर बनवा देंगे. भू-अर्जन से मुआवजा मिलने के बाद बजरंग बली का मंदिर बनवाने से दोनों कतराने लगे. ऐसे में ग्रामीणों ने पंचायत बैठाई और फैसला लिया. हालांकि मंदिर का निर्माण शुरू करा दिया गया है. मुखिया ने कहा कि उन पर रंगदारी मांगने का लगाया गया आरोप पूरी तरह निराधार है. फिर दोनों लोगों ने कहासुनी कर ग्रामीणों के साथ मारपीट कर ली. ऐसे में समाज ने फैसला लिया है, तो उस पर वह कुछ कहना नहीं चाहते. यह समाज का मामला है.

कानून को हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं : थाना प्रभारी

बरही के थाना प्रभारी ललित कुमार ने कहा कि कानून को हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं है. वैसे इस मामले को वह नहीं जानते हैं. लेकिन शारीरिक और आर्थिक दंड का फरमान सुनाना गलत है. रही बात सामाजिक बहिष्कार की, तो यह समाज का मामला है, इसमें वह कुछ नहीं कर सकते.

दोनों पक्षों ने दिया आवेदन, निष्पक्ष जांच की मांग

भुक्तभोगी विनोद कुमार सिंह और पंचायत में बैठे ग्रामीणों ने डीसी को आवेदन सौंपा है. इसमें दोनों पक्षों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है. पंचायत की ओर से डीसी को दिए गए आवेदन में मुखिया के भी हस्ताक्षर हैं. ग्रामीणों ने आवेदन में कहा है कि किस तरह मंदिर और नेहरू युवा केंद्र की भूमि मुआवजे की राशि विनोद कुमार सिंह और अश्विनी ने उठा ली और मंदिर में कोई सहयोग नहीं कर रहे हैं. यह भी बताया गया है कि एनएचआई के अधिकारियों ने भी पूछे जाने पर पत्र में पूरा भूमि मुआवजा उठा लेने की पुष्टि की है. इसे भी पढ़ें : जवाहर">https://lagatar.in/jawahar-ghati-road-accident-the-bier-of-three-family-members-got-up-together-the-whole-village-cried/">जवाहर

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