खबर : क्षेत्रीय उपनिदेशक कार्यालय का लिपिक निकला फर्जी
भूमि मुआवजा राशि से जुड़ा है मामला : मुखिया
मुखिया मोतीलाल चौधरी ने बताया कि मामला भूमि मुआवजा राशि से जुड़ा है. एनएच के किनारे विनोद कुमार सिंह और अश्विनी कुमार सिन्हा की जमीन थी. वहीं बगल में मंदिर और नेहरू युवा केंद्र का ऑफिस था. मंदिर की जमीन भी एनएच में जा रही थी. ऐसे में सेट्लमेंट के तहत दोनों ग्रामीणों को इस विश्वास के तहत पूरा मुआवजा लेने को कहा गया कि भविष्य में मंदिर बनवा देंगे. भू-अर्जन से मुआवजा मिलने के बाद बजरंग बली का मंदिर बनवाने से दोनों कतराने लगे. ऐसे में ग्रामीणों ने पंचायत बैठाई और फैसला लिया. हालांकि मंदिर का निर्माण शुरू करा दिया गया है. मुखिया ने कहा कि उन पर रंगदारी मांगने का लगाया गया आरोप पूरी तरह निराधार है. फिर दोनों लोगों ने कहासुनी कर ग्रामीणों के साथ मारपीट कर ली. ऐसे में समाज ने फैसला लिया है, तो उस पर वह कुछ कहना नहीं चाहते. यह समाज का मामला है.कानून को हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं : थाना प्रभारी
बरही के थाना प्रभारी ललित कुमार ने कहा कि कानून को हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं है. वैसे इस मामले को वह नहीं जानते हैं. लेकिन शारीरिक और आर्थिक दंड का फरमान सुनाना गलत है. रही बात सामाजिक बहिष्कार की, तो यह समाज का मामला है, इसमें वह कुछ नहीं कर सकते.दोनों पक्षों ने दिया आवेदन, निष्पक्ष जांच की मांग
भुक्तभोगी विनोद कुमार सिंह और पंचायत में बैठे ग्रामीणों ने डीसी को आवेदन सौंपा है. इसमें दोनों पक्षों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है. पंचायत की ओर से डीसी को दिए गए आवेदन में मुखिया के भी हस्ताक्षर हैं. ग्रामीणों ने आवेदन में कहा है कि किस तरह मंदिर और नेहरू युवा केंद्र की भूमि मुआवजे की राशि विनोद कुमार सिंह और अश्विनी ने उठा ली और मंदिर में कोई सहयोग नहीं कर रहे हैं. यह भी बताया गया है कि एनएचआई के अधिकारियों ने भी पूछे जाने पर पत्र में पूरा भूमि मुआवजा उठा लेने की पुष्टि की है. इसे भी पढ़ें : जवाहर">https://lagatar.in/jawahar-ghati-road-accident-the-bier-of-three-family-members-got-up-together-the-whole-village-cried/">जवाहरघाटी सड़क हादसा : एक साथ उठी परिवार के तीन लोगों की अर्थी, रो पड़ा पूरा गांव [wpse_comments_template]

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