Varanasi : प्रयागराज माघ मेला छोड़ कर जाने के बाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती योगी सरकार पर हमला करने का कोई मौका नहीं चूक रहे हैं. आज शुक्रवार को वे काशी में शंकराचार्य घाट स्थित श्रीविद्यामठ में पत्रकारों से रूबरू हुए.
अविमुक्तेश्वरानंद ने यहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके हिंदू होने का प्रमाण मांगा. कहा कि उन्होंने मुझसे मेरे पद और परंपरा (शंकराचार्य) का प्रमाणपत्र मांगा था. हमने उनको सौंप दिया. दलील दी कि सत्य को साक्ष्य से भय नहीं होता.
उन्होंने कहा कि अब प्रमाण लेने का समय नहीं, बल्कि उनको(योगी) प्रमाण देने का है. अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि पूरे सनातनी समाज की ओर से वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हिंदू होने का प्रमाण मांग रहे हैं.
अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि हिंदू होना केवल भाषण देने या भगवा पहनने तक सीमित नहीं है. अविमुक्तेश्वरानंद ने इसकी कसौटी गो-सेवा और धर्म-रक्षा को करार दिया. उन्होंने चेतावनी दी कि गौमाता को राज्यमाता का दर्जा देकर योगी अपने हिंदू होने का प्रमाण दें, नहीं तो 40 दिन बाद धर्म सभा कर उन्हें नकली हिंदू घोषित कर दिया जायेगा.
उन्होंने कहा कि 40 दिनों के अंदर गोमाता को राज्यमाता का दर्जा नहीं दिया गया और निर्यात बंद करने का शासनादेश जारी नहीं किया गया तो इसके गंभीर परिणाम होंगे. जो सरकार गोवंश की रक्षा नहीं कर सकती, उसे हिंदू कहलाने का नैतिक अधिकार नहीं है. कहा कि योगी को तो हिंदू कहलाने का अधिकार बिलकुल नहीं है, जो खुद को गुरु गोरश्वनाथ की पवित्र गद्दी का महंत कहते हैं.
अविमुक्तेश्वरानंद ने 1966 का दिल्ली के गोरक्षा आंदोलन का उदाहरण देते हुए कहा, तत्कालीन सरकार ने गोभक्त संतों को गोलियों से भून दिया था. धर्मसम्राट् स्वामी करपात्री महाराज सहित प्रमुख सनातनियों पर अत्याचार किये गये थे. कहा कि आज उसी आवाज को बुलंद करने के कारण गोभक्तों पर अत्याचार और अन्याय हो रहे हैं.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.



Leave a Comment