- – पते की उलझन दूर करने के लिए नई नियमावली ला रही सरकार
- – स्थानीय इतिहास को नामकरण में मिलेगा प्राथमिकता
Ranchi: झारखंड के शहरी निकायों में सड़कों, मोहल्लों और कॉलोनियों के नामकरण व नंबरिंग की व्यवस्था को पूरी तरह बदलने की तैयारी है. 'झारखंड नगरपालिका नियमावली 2026' के ड्राफ्ट पर जनता से सुझाव मांगा गया था, जिसका समय गुरूवार को खत्म हो गया. अब शहरी विकास एवं आवास विभाग की ओर से जारी इस मसौदे पर प्राप्त सुझावों की समीक्षा की जाएगी. इसके बाद आवश्यक प्रावधानों को शामिल कर अंतिम नियमावली अधिसूचित की जाएगी.
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मसौदे के अनुसार, शहरों में आवासीय व व्यवसायिक पतों को एक समान व्यवस्थित करना है, जिससे आम नागरिकों को रोजमर्रा के कार्यों में होने वाली पते की परेशानी से राहत मिल सके. शहरी इलाकों में एक ही नाम की कई सड़कें या कॉलोनियां होने से पुलिस, एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवाओं के साथ-साथ डाक व कुरियर डिलीवरी में अक्सर भ्रम की स्थिति बन जाती है. नई नियमावली लागू होने के बाद नामों के दोहराव पर पूरी तरह रोक लगेगी, जिससे आपात स्थिति में मदद बिना किसी रुकावट के सही जगह पहुंच सकेगी.
इसके साथ ही किसी भी प्रकार के आपत्तिजनक, भेदभावपूर्ण या सौहार्द बिगाड़ने वाले नामों के इस्तेमाल पर पाबंदी रहेगी. नई व्यवस्था के तहत नामकरण में स्वतंत्रता सेनानियों, राष्ट्रीय हस्तियों और स्थानीय ऐतिहासिक व सांस्कृतिक महत्व के प्रतीकों को प्रमुखता दी जाएगी. राज्य स्तर पर एक विशेष समिति प्रस्तावों की समीक्षा करेगी और सभी स्वीकृत नामों का एक डिजिटल रजिस्टर तैयार किया जाएगा.
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