पैसों की हेराफेरी के सबूत तलाश रही ईडी
यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग के उस मामले से जुड़ी है, जिसमें सरकारी स्कूलों में अवैध नियुक्तियों के बदले रिश्वत लेने के आरोप हैं. सूत्रों के मुताबिक, ईडी की टीम घोटाले से जुड़े पैसों की हेराफेरी के नए सबूतों की तलाश कर रही है.
CBI की गिरफ्तारी के बाद फिर से जांच के घेरे में साहा
जीवन कृष्ण साहा का नाम पहली बार अप्रैल 2023 में सुर्खियों में आया था, जब CBI ने उनके घर पर 60 घंटे लंबी तलाशी ली थी. इस दौरान साहा ने सबूत नष्ट करने की कोशिश की थी और कुछ मोबाइल फोन तालाब में फेंके दिए थे. इस मामले में उन्हें 17 अप्रैल 2023 को गिरफ्तार किया गया था.
क्या है शिक्षक भर्ती घोटाला
आरोप है कि पश्चिम बंगाल स्कूल सर्विस कमीशन (SSC) के माध्यम से हजारों शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मियों की अवैध नियुक्तियां की गईं. जीवन कृष्ण साहा पर आरोप है कि उन्होंने अनुदान प्राप्त स्कूलों में फर्जी तरीके से नौकरी दिलाने के लिए मोटी रिश्वत ली.
SC ने नियुक्तियों को बताया अवैध
अप्रैल 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने इस घोटाले पर सख्त रुख अपनाते हुए अवैध रूप से की गई सभी नियुक्तियों को रद्द कर दिया था और एक नई पारदर्शी चयन प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया था. इसके बाद 5 अगस्त 2025 को कोर्ट ने इस फैसले के खिलाफ दायर सभी पुनर्विचार याचिकाएं भी खारिज कर दी थी.
TMC के कई नेता जांच के घेरे में
बता दें कि इस घोटाला में टीएमसी के कई नेता जांच के घेरे में है. इनमें जीवन कृष्ण साहा, पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी समेत कई वरिष्ठ नेताओं के नाम शामिल हैं. ईडी और सीबीआई इससे पहले भी साहा और उनके रिश्तेदारों से पूछताछ कर चुकी है. इस मामले में साहा की पत्नी टगरी साहा से भी पूछताछ हो चुकी है.
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