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रांची के DAV नंदराज में छेड़छाड़ के आरोप में 7 साल के बच्चे को शिक्षकों ने बेरहमी से पीटा, DC ने दिए जांच के आदेश

रांची के बरियातू स्थित DAV नंदराज पब्लिक स्कूल में अपने महिला सहपाठी के साथ दुर्व्यवहार के आरोप में कक्षा 3A में पढ़ने वाले 7-8 वर्षीय छात्र राघव अतुल्य सिंह को बेरहमी से पीटने का मामला सामने आया है. जिससे बच्चे की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
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Ranchi: रांची के बरियातू स्थित DAV नंदराज पब्लिक स्कूल में अपने महिला सहपाठी के साथ दुर्व्यवहार के आरोप में कक्षा 3A में पढ़ने वाले 7-8 वर्षीय छात्र को बेरहमी से पीटने का मामला सामने आया है. जिससे बच्चे की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इधर पूरे मामले को लेकर छात्र के पिता रंजीत कुमार सिंह ने रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री को लिखित आवेदन देकर निष्पक्ष जांच कर स्कूल प्रबंधन पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है.


बच्चे के पिता ने आवेदन में बताया कि इतने छोटे उम्र में उनके बेटे पर बिना पर्याप्त साक्ष्य के एक महिला सहपाठी से छेड़छाड़ जैसा गंभीर आरोप लगाकर मेरे पुत्र के साथ कुछ शिक्षकों ने बच्चे के साथ मारपीट की और उसे शारीरिक और मानसिक दंड दिया. 

 

शिकायत पर संज्ञान लेते हुए उपायुक्त ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को पूरे मामले की जांच का आदेश दिया है. बताया जा रहा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर स्कूल प्रबंधन और मामले में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.


इधर छात्र की उम्र महज 7-8 वर्ष है. पिता का आरोप है कि बच्चे पर गंभीर आरोप लगाने से पहले मामले की निष्पक्ष जांच नहीं की गई. उनका कहना है कि यदि किसी छात्रा की ओर से शिकायत मिली थी, तो स्कूल प्रबंधन को संबंधित छात्रों, शिक्षकों और प्रत्यक्षदर्शियों से तथ्य जुटाकर मामले की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए थी.

 

शिकायत में कहा गया है कि इतने छोटे बच्चे पर बिना पर्याप्त साक्ष्य के गंभीर आरोप लगाना उसके आत्मसम्मान, मानसिक विकास और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है. पिता ने आरोप लगाया है कि बच्चे को शारीरिक और मानसिक दंड दिए जाने के बाद उसकी मानसिक स्थिति और स्वास्थ्य पर असर पड़ा.

 

रंजीत कुमार सिंह ने 3 जुलाई को स्कूल के प्राचार्य को दिए आवेदन में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की थी. उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि भविष्य में किसी भी छात्र पर बिना पर्याप्त प्रमाण और निष्पक्ष जांच के इस तरह के गंभीर आरोप नहीं लगाए जाएं. साथ ही  बच्चे के सम्मान, सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई.

 

परिजनों के अनुसार, इस मामले को लेकर 2 जुलाई को भी स्कूल प्रबंधन को दो आवेदन दिए गए थे. इसके बाद 3 जुलाई को छात्र के पिता ने एक और लिखित शिकायत दी. शिकायत में स्कूल प्रबंधन से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया था. लेकिन स्कूल प्रबंधक द्वारा जांच करने के लिए इन कर कर दिया गया.

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