Patna News: बिहार में शिक्षकों की उपस्थिति पर शिक्षा विभाग ने नकेल कसना शुरू कर दिया है. अनुदानित इंटरमीडिएट और संबंद्ध डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य कर दिया है. नियम नहीं मानने वाले शिक्षकों और कर्मियों को मिलने वाली अनुदान राशि रोकी जा सकती है.
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शिक्षा विभाग की ओर से कॉलेजों के प्राचार्यों को निर्देश दिया गया है कि वे शिक्षकों और कर्मचारियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति से जुड़ी रिपोर्ट उपलब्ध कराएं. रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. विभाग ने स्पष्ट किया कि अटेंडेंस नियमों का पालन नहीं करने वालों पर अनुशासनिक कार्रवाई की जा सकती है.
बायोमेट्रिक उपस्थिति की व्यवस्था सिर्फ कॉलेजों तक सीमित नहीं है. परीक्षाफल के आधार पर अनुदान पाने वाले माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में भी शिक्षकों एवं कर्मचारियों के बीच अनुदान राशि का वितरण बायोमेट्रिक अटेंडेंस के आधार पर करने का प्रावधान किया गया है.
विभाग ने शिक्षकों और कर्मचारियों के पदों को चार श्रेणियों में बांटा गया है. पहली श्रेणी में प्रिंसिपल और हेडमास्टर को रखा गया है. दूसरी श्रेणी में शिक्षक और लेक्चरर शामिल हैं.
तीसरी श्रेणी में प्रयोगशाला तकनीशियन, कंप्यूटर सहायक, लाइब्रेरियन और ऑफिस असिस्टेंट को रखा गया है. चौथी श्रेणी में केयरटेकर, ऑफिस अटेंडेंट और गार्ड शामिल हैं. विभाग ने निर्देश दिया कि तय व्यवस्था और फॉर्मूले के अनुसार ही शिक्षकों एवं कर्मचारियों के बीच अनुदान राशि का वितरण किया जाए.
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