ने ED और CBI से पूछा – रास बिहारी सिंह व वीरेंद्र राम केस में क्या कार्रवाई हुई
ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जांच की शुरू
ईडी ने बताया कि एसीबी जमशेदपुर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी. जांच में पता चला कि रांची में ग्रामीण कार्य विभाग में मुख्य अभियंता के पद पर तैनात वीरेंद्र कुमार राम ने ठेकेदारों को टेंडर आवंटित करने के एवज में उनसे कमीशन के नाम पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित की थी. इस प्रकार अवैध आय का उपयोग वीरेंद्र कुमार राम और उनके परिवार के सदस्यों द्वारा बहुत ही शानदार जीवन शैली जीने के लिए किया जाता था.30 ठिकाने पर तलाशी ली गई थी
ईडी ने बताया कि इससे पहले भारत के विभिन्न शहरों में वीरेंद्र कुमार राम से संबंधित 30 परिसरों में तलाशी ली गई थी. इस दौरान विभिन्न आपत्तिजनक साक्ष्य पाए गए और जब्त किए गए. इसके अलावा, तलाशी कार्रवाई के दौरान 40 लाख रुपये की नकदी, 1.51 करोड़ रुपये के सात वाहन और आभूषण पाए गए. जिसके बाद इसे जब्त कर लिया गया, जो बाद में उसके द्वारा अर्जित अवैध आय का हिस्सा पाया गया. इसके बाद वीरेंद्र कुमार राम को मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध में दोषी पाए जाने के बाद बीते 23 फरवरी को ईडी द्वारा गिरफ्तार किया गया था और वर्तमान में होटवार जेल, रांची में है. इस मामले में वीरेंद्र कुमार राम के चचेरे भाई आलोक रंजन को भी 11 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था, क्योंकि वह वर्तमान मामले में अवैध आय को वैध बनाने में वीरेंद्र कुमार राम की सहायता करता पाया गया था. इसे भी पढ़ें - लैंड">https://lagatar.in/land-scam-accused-appeared-in-ed-court-again-all-on-ed-remand-for-5-days/">लैंडस्कैम के आरोपी ईडी कोर्ट में हुए पेश, फिर से सभी 5 दिन की ED रिमांड पर [wpse_comments_template]

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