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भाजपा मनरेगा को कमजोर व बदले की राजनीति कर रही : कांग्रेस

Ranchi : कांग्रेस ने भाजपा पर लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है. कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य कमलेश्वर पटेल ने कहा कि एक तरफ भाजपा ने मनरेगा कानून को कमजोर किया है. 

 

वहीं, दूसरी तरफ नेशनल हेराल्ड मामले में जांच एजेंसियों का गलत इस्तेमाल कर सोनिया गांधी और राहुल गांधी को वर्षों तक बदनाम करने की कोशिश की गई.

 

कमलेश्वर पटेल ने कहा कि मोदी सरकार ने पिछले 11 वर्षों में योजनाबद्ध तरीके से मनरेगा को कमजोर किया. उन्होंने बताया कि पहले जहां मनरेगा के तहत साल में 100 दिन तक रोजगार मिलता था, अब यह घटकर 50–55 दिन रह गया है.

 

मनरेगा केवल नाम बदलने का मुद्दा नहीं है, बल्कि उस कानूनी अधिकार को खत्म किया गया है, जिसे कांग्रेस ने गरीबों के लिए सुनिश्चित किया था.

 

उन्होंने कहा कि मनरेगा के जरिए हर साल करीब 5 करोड़ परिवारों को रोजगार मिलता था, जो उनके आत्मसम्मान से जुड़ा अधिकार था. यह योजना संविधान के अनुच्छेद 21 से जुड़े अधिकारों पर आधारित थी.

 

पहले मनरेगा के खर्च का 90 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार देती थी, लेकिन नए प्रावधान में केंद्र-राज्य का अनुपात 60:40 कर दिया गया है. इससे राज्यों पर 50 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर होगी.

 

नेशनल हेराल्ड मामले पर उन्होंने कहा कि यह कोई आर्थिक घोटाला नहीं, बल्कि राजनीतिक साजिश थी. अदालत का फैसला कानून, संविधान और लोकतंत्र के पक्ष में है. उन्होंने दावा किया कि न तो सरकारी पैसे का दुरुपयोग हुआ और न ही किसी को निजी लाभ मिला.

 

सीबीआई ने 2014 और 2015 में ही साफ कर दिया था कि इस मामले में एफआईआर दर्ज करने लायक कोई अपराध नहीं है. इसके बावजूद 2021 में केंद्र सरकार के दबाव में ईडी ने जांच शुरू की, जिसे अदालत ने राजनीतिक बदले की कार्रवाई माना.

 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि गांधी, अंबेडकर और नेहरू की साझा विरासत पर ही देश की लोकतांत्रिक और संवैधानिक व्यवस्था टिकी है.

 

भाजपा और आरएसएस इस विरासत को धीरे-धीरे कमजोर करना चाहते हैं, लेकिन भारत की आत्मा को इन विचारों से अलग नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि इन महापुरुषों के नाम और विचारों से भाजपा-आरएसएस की नफरत समय-समय पर सामने आती रहती है.

 

प्रेस वार्ता में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय, राजेश कच्छप, राकेश सिन्हा, सोनाल शांति और अभिलाष साहू भी मौजूद थे.

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