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भाजपा में जाते ही भ्रष्टाचारी हो जाते हैं दूध के धुले- वृंदा करात

राजनीतिक भ्रष्टाचार की सबसे बड़ी खिलाड़ी है भाजपा

Ranchi: सीपीएम की पोलित ब्यूरो सदस्य वृंदा करात ने कहा कि भाजपा में जाते ही भ्रष्टाचारी दूध के धुले हो जाते हैं. चुनाव फंड में कॉरपोरेट घरानों से अरबों रुपये लेने और उन्हें लाखों-करोड़ों का फायदा पहुंचाने के मामले में भाजपा चैंपियन है. भाजपा के भी कई नेता और सांसद भ्रष्टाचार के आरोपी हैं. गुजरात के एक बड़े व्यापारी के पास से भारी मात्रा में अवैध धन बरामद हुआ था लेकिन उसके द्वारा दिए गए बयान में केंद्र के एक बड़े नेता जो कि एक पावरफुल मंत्री भी हैं, का नाम उजागर होने पर मामले को ही दबा दिया गया. भृष्टाचार पर हाय - तौबा मचाने वाली भाजपा को पहले अपने गिरेबां में झांक कर देखना चाहिए. वृंदा करात मंगलवार को दुमका में मीडिया से बातचीत कर रही थीं. उन्होंने कहा कि पूरे देश में भ्रष्टाचार के प्रमाणित आरोप से केवल सीपीएम ही बेदाग है. कई राज्यों में दशकों तक सरकार चलाने के बावजूद कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व पर घोर विरोधियों की भी हिम्मत नहीं हुई कि उन पर आर्थिक अनियमितता का आरोप लगाएं. इसे पढ़ें- झारखंड">https://lagatar.in/eat-and-cook-budget-of-jharkhand-government-babulal/">झारखंड

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सीपीआई (एम) ने ही सुप्रीम कोर्ट में दायर की थी याचिका

सीपीआई (एम) ने ही कॉरपोरेट घरानों द्वारा राजनीतिक पार्टियों को इलेक्टरोल बांड के माध्यम से धन दिए जाने की प्रणाली को खारिज करते हुए इसे बंद करने की मांग वाली एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की थी. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इसे असंवैधानिक करार देते हुए इस पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया. उदारीकरण के दौर में आज राजनीतिक भ्रष्टाचार तेजी से बढ़ा है और वर्तमान आर्थिक नीतियां इसका पोषण करती हैं. सीपीएम मेहनतकश जनता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और प्रगतिशील विचारधारा के प्रति अपने विश्वास के कारण ही इससे बची हुई है. इसलिए सीपीएम की स्पष्ट समझ है कि भ्रष्टाचार किसी भी दल का हो दोषी को सजा जरूर मिलनी चाहिए. उन्होंने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा की हार सुनिश्चित करने के लिए सभी विपक्षी पार्टियों को हर संभव कोशिश करनी होगी. इसे भी पढ़ें- चंपाई">https://lagatar.in/champai-governments-emphasis-on-starting-education-in-tribal-language/">चंपाई

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