Latehar : कभी नक्सलियों की दहशत और उनकी जनअदालतों के लिए कुख्यात रहा लातेहार जिले का गारू प्रखंड अब शांति और विकास की नई इबारत लिख रहा है. सरकार के अथक प्रयासों और सघन नक्सल विरोधी अभियानों के फलस्वरूप बूढ़ा पहाड़ की तलहटी पर बसा तिसिया गांव अब पूरी तरह से नक्सल प्रभाव से मुक्त हो चुका है. इस बदलाव को जमीन पर उतारने और ग्रामीणों के विश्वास को मज़बूत करने के लिए जिले के शीर्ष अधिकारी डीसी उत्कर्ष कुमार और एसपी कुमार गौरव खुद उनके बीच पहुंचे.
12 किलोमीटर का दुर्गम सफर
डीसी उत्कर्ष गुप्ता और एसपी कुमार गौरव, डीडीसी सैयद रियाज अहमद और एसएसबी के कमांडेंट राजेश सिंह सहित पूरे प्रशासनिक अमले ने एक चुनौतीपूर्ण यात्रा की. टीम ने लगभग 12 किलोमीटर का दुर्गम और मुश्किल रास्ता पैदल या कच्चे मार्ग से तय कर तिसिया गांव का दौरा किया. यह दौरा सिर्फ एक निरीक्षण नहीं, बल्कि ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित करने और विकास की रूपरेखा गांव में ही तैयार करने के लिए किया गया.
समस्याओं का मौके पर ही समाधान
प्रशासनिक टीम ने ग्रामीणों की समस्याओं को पूरी गंभीरता से सुना और जनहित से जुड़े कई मामलों का ऑन-स्पॉट समाधान किया. इस दौरान ग्रामीणों द्वारा बताई गई बुनियादी सुविधाओं की कमी पर तत्काल कार्रवाई की गई.
इस दौरान पेंशन वितरण, राशन कार्ड से संबंधित मामले, सड़क, पुल-पुलिया का निर्माण, स्कूल और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी जैसे मुद्दे पर ग्रामीणों की बात सुनी गई. अधिकारियों ने कई आवेदनों और समस्याओं का तुरंत निपटारा किया. ग्रामीणों ने बताया कि पहले यहां नक्सलियों का बोलबाला था और वे जनअदालत लगाते थे, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है.
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