Ranchi : झारखंड में पथ परिवहन निगम के गठन की तैयारियों को अनावश्यक बताते हुए झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स ने परिवहन विभाग से इस निर्णय पर पुनर्विचार का आग्रह किया है. चैंबर अध्यक्ष किशोर मंत्री ने कहा कि पूर्व में परिवहन विभाग द्वारा उच्चतम न्यायालय में शपथ पत्र के माध्यम से यह कहा गया था कि झारखंड में पथ परिवहन निगम का निर्माण नहीं किया जायेगा. राज्य के राजस्व संग्रह के पूर्व के आंकड़ों से भी यह स्पष्ट है कि सरकार को स्वयं व्यापार के क्षेत्र में आने के बजाय संबंधित सेक्टर्स के स्टेक होल्डर्स को प्रोत्साहित करने की पहल करनी चाहिए. चैंबर द्वारा परिवहन मंत्री और विभागीय सचिव को प्रेषित किये गये पत्र के माध्यम से यह सुझाया गया कि विभाग को झारखंड पथ परिवहन निगम के गठन की बजाय एकल बिहार के समय से स्थापित राज्य के सभी जिलों के बस अड्डों का सौंदर्यीकरण, यात्रियों की सुविधा के लिए बस अड्डों में मार्केटिंग कॉम्पलेक्स का निर्माण, राज्य में अच्छी बसों के परिचालन के लिए प्रोत्साहन योजनाएं प्रस्तुत करने सहित अन्य सुविधाएं विकसित करने की पहल करनी चाहिए. यह भी कहा गया कि विभाग को राज्य के स्टेक होल्डर्स के साथ अतिशीघ्र एक बैठक भी करनी चाहिए, ताकि प्रदेश में बस व्यवसाय को विकास की गति मिले और विभाग-व्यवसायी के विचारों का आदान-प्रदान भी हो सके. इस मुद्दे पर सोमवार को चैंबर भवन में पदाधिकारियों की एक बैठक भी हुई, जिसमें चैंबर अध्यक्ष के अलावा उपाध्यक्ष अमित शर्मा, महासचिव डॉ. अभिषेक रामाधीन और सह सचिव शैलेष अग्रवाल उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें : झामुमो">https://lagatar.in/meeting-of-jmm-district-presidents-on-tuesday-governments-work-will-also-be-discussed/">झामुमो
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पथ परिवहन निगम के गठन के निर्णय पर पुनर्विचार किया जाये : चैंबर
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