- लातेहार में स्टेडियम निर्माण के खिलाफ दायर PIL खारिज
Ranchi : झारखंड हाई कोर्ट ने कहा है कि किसी सार्वजनिक परियोजना के लिए स्थान चयन का निर्णय सरकार के विवेकाधिकार का विषय है और इसमें न्यायिक हस्तक्षेप सामान्यतः नहीं किया जाता.
हाईकोर्ट ने लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड स्थित गढ़वाटांड़ में प्रस्तावित ब्लॉक स्तरीय स्टेडियम निर्माण के खिलाफ दायर जनहित याचिका (PIL) को खारिज कर दिया.
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आरोप अस्पष्ट और ठोस तथ्यों से रहित हैं
हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक एवं जस्टिस राजा शंकर की खंडपीठ ने कहा कि याचिका में लगाए गए आरोप अस्पष्ट और ठोस तथ्यों से रहित हैं.
याचिका में केवल सामान्य आरोप लगाए गए हैं और यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि सरकारी भूमि पर स्टेडियम निर्माण से मौलिक अधिकारों का किस प्रकार उल्लंघन हो रहा है.
खंडपीठ ने यह भी कहा कि आवागमन में बाधा या सुविधाभोगी (easementary) अधिकारों से जुड़े विवाद तथ्यात्मक जांच का विषय हैं, जिनका समाधान सामान्य दीवानी अदालत में किया जा सकता है, न कि जनहित याचिका के माध्यम से.
उक्त जमीन पर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होते
दरअसल, यह याचिका श्यामली शर्मा द्वारा दायर की गई थी, जिसमें खाता संख्या 188, प्लॉट संख्या 1373 की खुली जमीन पर स्टेडियम निर्माण पर रोक लगाने की मांग की गई थी.
याचिकाकर्ता का कहना था कि उक्त स्थल पर उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र, दुर्गा मंडप और इमामबाड़ा स्थित हैं और यहां पिछले कई वर्षों से दुर्गा पूजा और ताजिया जुलूस जैसे धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं.
स्टेडियम बनने से आम लोगों के आवागमन और धार्मिक गतिविधियों पर असर पड़ेगा.
वैधानिक प्रक्रियाओं के तहत कराया जा रहा स्टेडियम का निर्माण
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता ने दलील दी कि संबंधित भूमि सरकारी है और सभी वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए निविदा जारी कर स्टेडियम का निर्माण कार्य कराया जा रहा है.
उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य लगभग 50 प्रतिशत पूरा हो चुका है और यह परियोजना युवाओं को खेल सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जनहित में है.
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