Ranchi : बोकारो एसपी ऑफिस का अकाउंटेट जालसाजी कर ट्रेजरी से पैसे निकाल रहा था. लेकिन DGP उसे अपने काम से पुलिस की छवि उज्जवल करने का प्रमाण पत्र दे रहे थे. जिस अवधि में अकाउंटेट कौशल पांडेय जालसाजी कर पैसा निकाल रहा था, उसी अवधि में उसे पुलिस की छवि उज्जवल करने का सर्टिफिकेट भी दिया गया.
बोकारो ट्रेजरी से पुलिसकर्मियों के नाम पर मार्च 2026 तक कुल 4.29 करोड़ रुपये की निकासी हुई. मामले की प्रारंभिक जांच के बाद कौशल पांडेय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया. ट्रेजरी से हुई निकासी की विस्तृत जांच अभी जारी है. जांच पूरी होने तक फर्जी तरीके से की गयी निकासी की रकम बढ़ने की आशंका है.
साथ ही जांच पूरी होने तक और भी गड़बड़ी पाये जाने की आशंका है. क्योंकि महालेखाकर ने ट्रेजरी के ऑडिट के दौरान दोबारा वेतन, 58 प्रतिशत की सीमा से अधिक महंगाई भत्ता (DA) और 10 प्रतिशत सीमा के बदले 20 प्रतिशत मकान किराया भत्ता (HRA) की निकासी का मामला भी पकड़ा है.

अकाउंटेंट कौशल पांडेय को मिला पुलिस की छवि उज्जवल करने का सर्टिफिकेट
बोकारो ट्रेजरी से हुई फर्जी निकासी की जारी जांच के दौरान पाया गया कि अकाउंटेंट कौशल पांडेय ने नवंबर 2023 से मार्च 2026 तक की अवधि में 63 बार में कुल 4.29 करोड़ रुपये की फर्जी निकासी की. लेकिन राज्य के तत्कालीन पुलिस निदेशक और पुलिस उप-महानिरीक्षक (बजट) ने अलग-अलग सर्टिफिकेट जारी कर पांडेय के काम को पुलिस की छवि उज्जवल करने वाला बताया.
राज्य के तत्कालीन पुलिस महानिदेशक अनुराग गुप्ता ने चार नवंबर 2025 को एक सर्टिफिकेट जारी किया. इसमें उन्होंने लिखा कि बोकारो जिले में लेखा से संबंधित काम का निष्पादन काफी मेहनत और लगन से पूरा किया जाता है, जिससे लेखा शाखा के साथ-साथ राज्य पुलिस की छवि उज्जवल हुई है. आपके द्वारा किये गये कार्य कठिन परिश्रम एवं कर्तव्यपरायणता को द्योतक है. आशा से ही इसी लगन के साथ आप आगे भी राज्य और देश की सेवा करते रहेंगे.

बोकारो के इस अकाउंटेंट को पुलिस उप-महानिरीक्षक (बजट) ने भी सर्टिफिकेट दिया. उसके द्वारा किये जा रहे काम को पुलिस की छवि उज्जवल करने वाला बताया. साथ ही यह भी उम्मीद जतायी कि वह इसी तरह राज्य और देश की सेवा करता रहेगा.
उल्लेखनीय है कि बोकारो ट्रेजरी से हुई इस फर्जी निकासी का मामला प्रधान महालेखाकार (अकाउंट्स) द्वारा ट्रेजरी के ऑडिट के दौरान पकड़ में आया था. प्रधान महालेखाकार ने मई 2024 से दिसंबर 2025 के बीच 20 बार में वेतन मद से फर्जी तरीके से 3.14 करोड़ की निकासी का मामला पकड़ा था.
प्रधान महालेखाकार द्वारा फर्जी निकासी का मामला पकड़े जाने के बद जिला स्तर पर जांच शुरू हुई. इसमें पाया गया कि अकाउंटेंट कौशल पांडेय ने नवंबर 2023 से मार्च 2026 तक अवधि में 63 बार में कुल 4.29 करोड़ रुपये की निकासी की.
कौशल पांडेय ने Kuber DDO Level Bill Managment System में छेड़छाड़ कर अपनी पत्नी का अकाउंट नंबर लिख दिया था. इससे फर्जी निकासी का पैसा पहले उसकी पत्नी अनु पांडेय के खाते में जाता था. इसके बाद कौशल पत्नी के खाते से अधिकांश पैसा अपने खाते में ट्रांसफर करता था.
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