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सदर अस्पताल : एसडीओ के सामने मृतक मरीज के परिजन ने कहा, बताइये कितना पैसा फूंकना पड़ेगा

 

लचर व्यवस्था पर रांची एसडीओ ने lagatar.in से कहा-डीसी को सौंपी रिपोर्ट, करेंगे कार्रवाई

लचर व्यवस्था पर lagatar.in से कई परिजनों ने कहा, ड्यूटी आवर में डॉक्टर फोन पर कर रहे बातचीत, नहीं हो रहा उनके मरीजों का सही इलाज

Ranchi : सदर अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से अस्पताल की लचर व्यवस्था सामने आ गयी है. ड्यूटी ऑवर में मरीजों के इलाज करने की जगह अस्पताल के डॉक्टर फोन पर बातकर समय बीता रहे हैं. यह आरोप सदर अस्पताल में भर्ती कराने आयी एक मरीज की महिला परिजन का है. महिला कह रही है कि हमलोग पैसा फूंकने को तैयार है, बताइये कितना लगेगा. कहां से लाना है दवाई. लेकिन सब के मुंह में दही जमा हुआ है. lagatar.in से बातचीत में कई मरीजों के परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर मरीज का सही इलाज नहीं कर रहे है.

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एसडीओ व्यवस्था की कर रहे जांच

दूसरी तरफ रांची एसडीओ उत्कर्ष गुप्ता lagatar.in से कह रहे है कि सदर अस्पताल में लचर हो रही व्यवस्था को लेकर वे जांच कर रहे है. जांच में अगर सत्यता पायी जाती है, तो उसपर कार्रवाई की जाएगी.

डीसी सर को रिपोर्ट कर दिया है. अब जब डीसी साहब निर्देश देंगे

जब सदर एसडीओ से पूछा कि ऐसे किसी डॉक्टर की शिकायत मिलने पर जो भी कार्रवाई होगा, वह बहुत लंबी होगी. इसपर एसडीओ का कहना है कि उन्होंने डीसी सर को रिपोर्ट कर दिया है. अब जब डीसी साहब निर्देश देंगे. उस हिसाब से हमलोग आगे कार्रवाई करेंगे. एसडीओ ने यह भी कहा कि वे भी सुबह से अस्पताल परिसर में है. स्थिति को हैंडल करने की कोशिश कर रहे है.

नेगेटिव रिपोर्ट बनाकर डिस्चार्ज करने का दबाव भी बनाया जा रहा है

कांके से आये एक परिजन ने lagatar.in को बताया कि अग्निदेव सिंह नाम के मरीज को रेमडिसेविर इंजेक्शन की जरूरत थी. शुक्रवार रात को यह इंजेक्शन आकर बांटा भी गया, लेकिन किसी को इसकी जानकारी नहीं हुई. बिना परिजन को बताया नेगेटिव रिपोर्ट बनाकर डिस्चार्ज करने का दबाव भी बनाया जा रहा है.

सदर अस्पताल में दवा भी नहीं मिल रहा

मौलाना आजाद कॉलोनी से आये मरीज के परिजन ने lagatar.in को बताया कि सदर अस्पताल में दवा तो सही से नहीं मिल रहा है. ऐसे में हम बाहर से वे इंजेक्शन इंतजाम कर रहे है. जब थोड़ा सी भी मरीजों की हालत में सुधार हुई, तो डॉक्टर कह रहे है कि वे मरीज को लेकर चले जाए. जब परिजन ने विरोध किया, तो डॉक्टर जबरदस्ती कह रहे कि मरीजों लेकर जाए.

डॉक्टर चेकअप की जगह फोन पर बात करने में रहते है व्यस्त

एक मरीज के महिला परिजन ने lagatar.in से कहा कि सुबह 4 बजे से मरीज सीरियस है. पहले तो डॉक्टर कहते है कि वे जल्दी आकर मरीज को देखते है. बाद में वहीं डॉक्टर मरीज को देखने की जगह फोन पर बात करने में व्यस्त रहते है. ड़ॉक्टर के लापरवाही के कारण पहले उनके एक परिजन की मृत्यु हो चुकी है. शनिवार सुबह को ही उन्होंने अपने दुसरे परिजन को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

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