: अनियंत्रित होकर सवारी गाड़ी खाई में गिरी, चार की मौत, 10 घायल)
सिर्फ नाम का पंखा, काम का नहीं
alt="" width="1080" height="580" /> दरअसल ओपीडी में इलाज से पहले मरीजों को रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है. रजिस्ट्रेशन काउंटर में कर्मचारी सुबह 9 बजे से अपनी ड्यूटी में लग जाते हैं. करीब 1400 से 1500 लोगों का हर रोज रजिस्ट्रेशन होता है. इस उमस भरी गर्मी में काउंटर के केबिन का पंखा सिर्फ नाम मात्र का डोल रहा है. एक पंखा बंद है, तो एक पंखा दीवार में झूल रहा है. वहीं दो पंखा नाम मात्र के लिए चल रहा है. इसे भी पढ़ें : युवा">https://lagatar.in/jharkhand-is-lagging-behind-due-to-unemployment-not-corona/">युवा
संसद कार्यक्रम में नेता पंकज पांडेय बोले, कोरोना नहीं, बेरोजगारी के कारण पिछड़ रहा झारखंड
पंखों की हालत से पता चलता, प्रबंधन हमारे लिए कितना तत्पर
alt="" width="1080" height="564" /> दबी जुबान से कर्मचारियों ने कहा है कि घर चलाने के लिए उन्हें ऐसी परिस्थितियों में काम करना पड़ता है. मरीज जल्दी रजिस्ट्रेशन पेपर की मांग करते हैं. हम अपने काम को निष्ठा से निभाते हैं. लेकिन हमारे लिए प्रबंधन कितना तत्पर है ,यह पंखों की हालत से साफ हो जाता है. इसे भी पढ़ें : अबू">https://lagatar.in/the-girl-proposed-salman-khan-for-marriage-in-abu-dhabi-dabangg-khan-gave-a-tremendous-reply/">अबू
धाबी में सलमान खान को महिला रिपोर्टर ने किया शादी के लिए प्रपोज, दबंग खान ने दिया जबरदस्त जवाब [wpse_comments_template]
Leave a Comment