Ranchi News: झारखंड में वन्यजीवों और प्रकृति को बचाना अब सिर्फ एक सप्ताह का अभियान नहीं रहेगा बल्कि वन विभाग इसे समाज की स्थायी जिम्मेदारी बनाने पर जोर दे रहा है. 'वन्यजीव सप्ताह 2026' के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने लोगों से यह अपील की है. बुधवार को डोरंडा के पलाश हॉल में इस सात दिवसीय अभियान का समापन हुआ. इस दौरान प्राकृतिक विरासत को सहेजने पर गंभीर चर्चा हुई.
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पीसीसीएफ (HoFF) संजीव कुमार ने कहा कि इस आयोजन का मकसद स्थायी जागरूकता लाना है. उन्होंने कहा कि प्रकृति संरक्षण की भावना बचपन से ही विकसित होनी चाहिए. आज के बच्चे ही कल के 'प्रकृति प्रहरी' बनेंगे. संजीव कुमार ने राज्य की जैव-विविधता को अमूल्य विरासत बताया. उन्होंने इसे बचाने के लिए सामूहिक जनभागीदारी को बेहद जरूरी बताया.

वन्यजीव सप्ताह 2026 के समापन पर वन अधिकारी
मुख्य वाइल्डलाइफ वार्डन रवि रंजन ने प्रकृति को भविष्य का आधार बताया. उन्होंने कहा कि प्रकृति और वन्यजीव बचेंगे, तभी हमारा भविष्य भी सुरक्षित रहेगा. इस मौके पर स्कूली बच्चों ने नुक्कड़ नाटक के जरिए भी प्राकृतिक आवास बचाने का कड़ा संदेश दिया. समारोह के अंत में प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया.
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