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रांची के सभी अंचल में लगे जनता दरबार में मिला आम जनता को समाधान

Ranchi: रांची जिला प्रशासन ने आम जनता की समस्याएं सुनने और तुरंत हल निकालने के लिए बड़ी पहल शुरू की है. अब जिले के सभी अंचलों में हर मंगलवार को जनता दरबार लगता है.
 

Ranchi: रांची जिला प्रशासन ने आम जनता की समस्याएं सुनने और तुरंत हल निकालने के लिए बड़ी पहल शुरू की है. अब जिले के सभी अंचलों में हर मंगलवार को जनता दरबार लगता है.

 

उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि जनता दरबार का मकसद है, लोगों की परेशानियां सुनना और मौके पर ही उसका हल करना. हम चाहते हैं कि प्रशासन जनता के और करीब आए और किसी को भी चक्कर न काटने पड़े.

 

क्या-क्या समस्याएं सुनी जा रही हैं?


जनता दरबार में सबसे ज़्यादा आवेदन आते हैं –

जाति, आय, आवासीय, स्थानीय प्रमाण पत्र के

दाखिल-खारिज और जमीन विवाद से जुड़े मामले

वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन

मनरेगा और किसान कर्ज़ माफी

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़े भुगतान

कई मामले मौके पर ही निपटा दिए जाते हैं और जिन मामलों में समय लगता है, उन्हें तुरंत संबंधित विभाग को भेजा जाता है.

 

लोगों की खुशी

 

सावित्री कुमारी (अनगड़ा): जाति प्रमाण पत्र में गलती थी, जनता दरबार में तुरंत सुधार हो गया. उन्होंने खुशी जताते कहा कि अब सही मायने में जनता की सुनवाई हो रही है.

 

सीमा महतो (अनगड़ा): पंजी-II में जाति सुधार का काम तुरंत हुआ. बोली कि जनता दरबार से बड़े पैमाने पर फायदा मिल रहा है.

 

प्रियांशु शेलिना डोना (बड़ागई): लगान रसीद का मामला फंसा था, जनता दरबार में तुरंत भुगतान का विकल्प मिला और रसीद मिल गई.

 

ज्ञानधर सिंह (बेड़ो): दाखिल-खारिज का शुद्धि पत्र मिला. उन्होंने कहा कि अब हमारा काम अंचल में ही हो रहा है, यही सबसे बड़ी बात है.

 

नरेश यादव (बुढ़मू): भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र मौके पर मिला और बोले कि ऐसे समाधान से जनता का भरोसा सरकार पर और बढ़ रहा है.

 

अलग-अलग अंचलों की झलक

 

कांके अंचल: पंजी-2 सुधार के 22 और लगान भुगतान के 5 मामले निपटाए गए.

रातु अंचल: कुल 81 मामलों का समाधान, जिसमें दाखिल-खारिज 40, आय प्रमाण पत्र 13, जाति प्रमाण पत्र 8 शामिल.

मांडर अंचल: 25 मामलों का निष्पादन, जिसमें 10 दाखिल-खारिज और 2-2 जाति व आवासीय प्रमाण पत्र.

सिल्ली अंचल: 68 से ज्यादा मामलों का निपटारा, जिसमें 20 आय प्रमाण पत्र, 15 जाति प्रमाण पत्र और 11 स्थानीय निवास प्रमाण पत्र.


खास पहल

जिला प्रशासन ने साफ कहा है कि वृद्धजन, दिव्यांग और महिलाओं की शिकायतों को प्राथमिकता दी जाएगी.

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