मामला : कोर्ट में पेशी के लिए जा रहे इमरान खान के काफिले में शामिल वाहनों में टक्कर, कई घायल)
2017 से लेकर अब तक फांसी की सजा से संबंधित कई मामले लंबित
झारखंड हाईकोर्ट में साल 2017 से लेकर अब तक कुल 24 से अधिक फांसी की सजा से संबंधित मामले लंबित हैं. सभी मामलों में राज्य की अलग-अलग निचली अदालतों ने दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है. कानूनी प्रावधान के तहत निचली अदालत जिस दोषी को फांसी की सजा सुनाती है, उसकी सजा कंफर्म (बरकरार) करने के लिए हाईकोर्ट के पास मामला भेजा जाता है. कई मामलों में ऐसा देखा गया है कि निचली अदालत किसी दोषी को फांसी की सजा सुनाती है. लेकिन हाईकोर्ट उस सजा को बदल देता है. अब हाईकोर्ट में गठित वकीलों की कमिटी फांसी की सजा बरकरार रखवाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ेगी. इसे भी पढ़ें : बजट">https://lagatar.in/budget-session-minister-mithlesh-thakur-assures-there-will-be-uninterrupted-power-supply-in-the-state-by-2024/">बजटसत्र : मंत्री मिथलेश ठाकुर का आश्वासन, 2024 तक राज्य में होगी निर्बाध बिजली आपूर्ति [wpse_comments_template]

Leave a Comment