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स्वर्णरेखा महोत्सव को राजकीय मेला घोषित करे सरकार: अंशुल शरण

स्वर्णरेखा नदी के संरक्षण, स्वच्छता और जनजागरूकता के उद्देश्य से आयोजित तीन दिवसीय 21वां स्वर्णरेखा महोत्सव बुधवार को संपन्न हुआ.
 

Ranchi : स्वर्णरेखा नदी के संरक्षण, स्वच्छता और जनजागरूकता के उद्देश्य से आयोजित तीन दिवसीय 21वां स्वर्णरेखा महोत्सव बुधवार को संपन्न हुआ. महोत्सव के अंतिम दिन स्वर्णरेखा नदी के उद्गम स्थल रानीचुआं में विधि-विधान के साथ नदी पूजन किया गया.कार्यक्रम का आयोजन युगांतर भारती, नव चेतना ग्रामीण संस्थान, नेचर फाउंडेशन, स्वर्णरेखा क्षेत्र विकास ट्रस्ट और जल जागरूकता अभियान के संयुक्त तत्वावधान में किया गया.

 

नदी पूजन कार्यक्रम में युगांतर भारती के अध्यक्ष अंशुल शरण, स्वर्णरेखा महोत्सव समिति के अध्यक्ष तापेश्वर केशरी, हेमंत केशरी, संदीप राज, केदार महतो, चूड़ामणि महतो, बांदे ओरांव, दौलत राम केशरी, बजरंग महतो, रवि केशरी, अशोक ठाकुर, पूनम देवी, दीपक सिंह, शीला देवी, उमेश महतो और सुरेश साहू समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए.

 

इस अवसर पर अंशुल शरण ने स्वर्णरेखा नदी के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नदियां मानव सभ्यता की जननी हैं. नदियों के अस्तित्व पर संकट आने का अर्थ है मानव जीवन पर संकट. उन्होंने कहा कि नदियों की स्वच्छता और संरक्षण समाज और सरकार दोनों की साझा जिम्मेदारी है.

 

उन्होंने महाभारत काल का उल्लेख करते हुए बताया कि अज्ञातवास के दौरान पांडव नगड़ी क्षेत्र में रुके थे. उसी समय माता कुंती की प्यास बुझाने के लिए अर्जुन ने धरती पर तीर चलाया था, जिससे जलधारा प्रकट हुई. यह जलधारा आज भी रानीचुआं में मौजूद है.

 

अंशुल शरण ने झारखंड सरकार से स्वर्णरेखा महोत्सव को राजकीय मेला घोषित करने की मांग की. उन्होंने कहा कि इससे नदी संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों को नई पहचान और मजबूती मिलेगी. साथ ही उद्गम स्थल रानीचुआं को सांस्कृतिक और सामाजिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए.

 

उन्होंने बताया कि स्वर्णरेखा महोत्सव रांची के धुर्वा, हुंड्रू, 21 महादेव और जमशेदपुर के दोमुहानी, गांधी घाट, पांडे घाट और भोजपुर घाट में भी उत्साह के साथ मनाया गया. मेले में लगे स्थानीय उत्पाद और खानपान के स्टॉल लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे. दिनभर चले कार्यक्रमों में दस हजार से अधिक लोगों ने भाग लेकर महोत्सव को सफल बनाया.

 

 

 

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