Ranchi : राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने झारखंड कोचिंग सेंटर (नियंत्रण एवं विनियमन) विधेयक, 2025 को मंजूरी दे दी है. इस विधेयक का उद्देश्य राज्य में कोचिंग सेंटरों को नियंत्रित और विनियमित करना है.
क्या है इस विधेयक में
• कोचिंग सेंटरों के पंजीकरण की व्यवस्था
• विद्यार्थियों के हितों की रक्षा
• कोचिंग सेंटरों में नामांकित विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना
• न्यूनतम मानकों का निर्धारण
कोचिंग सेंटरों के लिए नए नियम
• जिला स्तरीय कोचिंग सेंटर विनियामक समिति का गठन
• उपायुक्त अध्यक्ष होंगे
• राज्य स्तर पर झारखंड राज्य कोचिंग सेंटर विनिमय प्राधिकरण का गठन
• सेवानिवृत्त न्यायिक पदाधिकारी अध्यक्ष होंगे
रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया
• अधिनियम लागू होने के 6 माह के भीतर या सरकार की ओर से तय समय सीमा के भीतर कोचिंग संचालकों को वेब पोर्टल के माध्यम से रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करना होगा
• जिले के भीतर या बाहर जितने भी कैंपस होंगे उनका अलग-अलग रजिस्ट्रेशन कराना होगा
फ्रेंचाइजी के साथ फ्रेंचाइजर पर भी लगाम
• फ्रेंचाइजी के माध्यम से कोचिंग चलाने वाले फ्रेंचाइजर को भी रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करना होगा
• नियमों का पालन करने की संयुक्त जिम्मेदारी होगी
मानसिक स्वास्थ्य परामर्श की सुविधा
• हर 1000 विद्यार्थियों के लिए कम से कम एक मानसिक स्वास्थ्य परामर्शदाता को रखना होगा
• 200 दिनों तक मुफ्त में परामर्श उपलब्ध कराएगा
छात्र, ट्यूटर्स, कर्मी हित में कुछ जरूरी प्रावधान
• सभी कोचिंग सेंटर में विद्यार्थियों के जेंडर के हिसाब से बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था करनी होगी
• कोचिंग सेंटर का संचालन सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक ही होगा
• सभी कोचिंग सेंटर अपने साइन बोर्ड पर पंजीकृत कोचिंग सेंटर शब्द का इस्तेमाल करेंगे
• फीस वसूली की जानकारी नोटिस बोर्ड पर उपलब्ध करानी होगी
• सभी कोचिंग सेंटर को अपने वेबसाइट पर आसान निकासी नीति और फीस वापसी नीति का ब्यौरा देना होगा
• 16 साल से कम उम्र के विद्यार्थियों को उनके माता-पिता की लिखित सहमति के बिना कोचिंग की सुविधा नहीं दी जाएगी
• नामांकन के वक्त अच्छे रैंक या उच्च अंक हासिल करने के झूठे दावे करने पर कार्रवाई होगी
• झूठी लोकप्रियता या भ्रामक विज्ञापन करने पर कार्रवाई का प्रावधान
• सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 में परिभाषित किसी भी डिजिटल मध्यस्थ या राज्य सरकार के लिए सूचना को प्रकाशित करने पर कार्रवाई होगी
• यदि जिला समिति आवेदन को 90 दिनों के भीतर स्वीकृत या अस्वीकृत नहीं करती है तो राज्य स्तरीय प्राधिकरण में अपील करने का अधिकार होगा
• लेटर ऑफ इंटेंट मिलने के 30 दिन के भीतर 06 वर्ष की अवधि के लिए बैंक गारंटी प्रस्तुत करना होगा
• नगर निगम क्षेत्र के भीतर कोचिंग सेंटर खोलने पर 5 लाख रु की बैंक गारंटी देनी होगी
• स्थानीय निकाय, नगर पालिका, अधिसूचित क्षेत्र परिषद की सीमा में कोचिंग संस्थान खोलने पर 01 लाख रु की बैंक गारंटी
• नगर निगम और अधिसूचित क्षेत्र के बाहर खोलने पर 50 हजार की बैंक गारंटी की जरूरत पड़ेगी
• पंजीकरण की वैद्यता जारी होने की तिथि से पांच वर्ष तक के लिए होगी
• 16 वर्ष से ज्यादा उम्र के हर विद्यार्थी को वेब पोर्टल पर पंजीकरण करना अनिवार्य होगा
• सभी पंजीकरण कराने वाले विद्यार्थी को CED-ID नाम से एक विशिष्ट पंजीकरण संख्या आवंटित की जाएगी
• सभी कोचिंग सेंटर को मानसिक स्वास्थ्य परामर्शदाता रखना होगा
• उनका भी वेब पोर्टल पर पंजीकरण होगा
• सभी पूर्णकालिक या अंशकालिक ट्यूटर्स का वेब पोर्टल पर पंजीकरण होगा
• किसी परीक्षा में अपने नामांकित विद्यार्थियों की सफलता को प्रकाशित करते समय CED-ID और पाठ्यक्रम नामांकन का विवरण देना होगा
• ऐसा करने से पहले विद्यार्थी की लिखित सहमति लेनी होगी
• विद्यार्थी के कोचिंग सेंटर से बाहर निकलने की स्थिति में शुल्क भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी
• किसी भी कोचिंग सेंटर के खिलाफ समिति के समक्ष विद्यार्थी, अभिभावक, ट्यूटर या कर्मी अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे
जुर्माना के साथ-साथ ब्लैक लिस्ट करने का प्रावधान
• कोचिंग सेंटर द्वारा नियम का उल्लंघन करने पर जुर्माना लगाने का प्रावधान है
• पहली बार अपराध करने पर 5 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है
• दूसरी बार अपराध करने पर 10 लाख तक जुर्माना का प्रावधान है
• इसके बाद पंजीकरण रद्द किया जाएगा
• पंजीकरण रद्द करने या संबंधित व्यक्ति को काली सूची में डालने के बावजूद कोचिंग का संचालन जारी रखता है तो उसके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी
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