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राज्यपाल सचिवालय ने VC दिनेश सिंह के कारनामों के ऑडिट का दिया आदेश

Ranchi :  राज्यपाल सचिवालय ने नीलांबर पीतांबर विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा की गयी खरीद आदि के विशेष ऑडिट का आदेश दिया है. यह कार्रवाई कुलपति द्वारा खरीद सहित अन्य प्रकार के खर्चों के मामले में लगे आरोपों से इनकार करने के बाद की गई है.

 

पीएल खाते में रखे पैसे के रिवैलिडेट करने की नहीं ली अनुमति 

उल्लेखनीय है कि नीलांबर पीतांबर विश्वविद्यालय के कुलपति पर कंप्यूटर सहित अन्य समाग्रियों की खरीद और विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों में फिजुल खर्ची करने का आरोप लगा था. इसमें बाजार से कई गुना ज्यादा कीमत पर सामग्रियों की खरीद का आरोप लगाया गया था.

 

इस पूरे प्रकरण में सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि कंप्यूटर, स्मार्ट पैनल आदि की खरीद के लिए सरकार से मिली राशि पीएल खाते में रखी हुई थी. नियमानुसार, इस राशि को दो वित्तीय वर्ष के अंदर ही उस काम पर खर्च करना पड़ता है, जिसके लिए यह पैसा दिया गया है. 

 

लेकिन कुलपति दिनेश सिंह ने दो साल की अवधि समाप्त होने के बाद इस पैसों से सामग्रियों की खरीद कर ली. इसके लिए वित्त विभाग से पीएल खाते में रखे पैसों के रिवैलिडेट करने की अनुमति नहीं ली.

 

नोटिस के जवाब में आरोपों से किया इनकार

खरीद के लिए टेंडर करने से पहले आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी नहीं की गयी थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्यपाल सचिवालय ने इन बिंदुओं पर कुलपति को कारण बताओ नोटिस जारी किया था.

 

लेकिन कुलपति ने राज्यपाल सचिवालय को भेजे गये जवाब में इन आरोपों से इनकार किया है. मामले की गंभीरता के देखते हुए राज्यपाल सचिवालय ने वित्त विभाग से कुलपित द्वारा की गयी खरीद के मामले में स्पेशल ऑडिट कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है, ताकि वास्तविक स्थिति का पता लगा कर दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके.

 

RU के प्रभारी कुलपति के पद से हटाए जा चुके हैं दिनेश सिंह

उल्लेखनीय है कि रांची विश्वविद्यालय और विनोबा भावे विश्वविद्यालय में प्रभारी कुलपति के रूप में काम करने के दौरान दिनेश सिंह पर गंभीर आरोप लगे थे. इसमें मनमाने ढंग से टेंडर निकालने और एक व्यक्ति को फर्नीचर आपूर्ति के लिए आदेश देने के लिए खूंटी के एक कॉलेज के प्राचार्य पर दबाव डालने का आरोप शामिल है. इस मामले में शिकायत मिलने के बाद राज्यपाल ने उन्हें रांची विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति के पद से हटा दिया था.

 

 

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