Ranchi : हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि झारखंड में हेल्थ सेफ्टी एडवाइजरी बोर्ड कब तक लागू होगा. झारखंड में कोयला आधारित थर्मल पावर प्लांट में कर्मियों के स्वास्थ्य संबंधी सुविधा मिलने से संबंधित कोर्ट के स्वत: संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका की सुनवाई में कोर्ट ने सरकार को इस संबंध में निर्देश दिया. कोर्ट ने सरकार से पूछा कि कैबिनेट के पास हेल्थ सेफ्टी एंड अकुपेशनल रुल 2025 का ड्राफ्ट पेंडिंग है, यह रुल कब तक बन जाएगा.
कोर्ट ने इसपर सरकार से दो सप्ताह में जवाब मांगा है. अगली सुनवाई 6 अगस्त को होगी. सुनवाई के दौरान कोर्ट के समक्ष यह बात आई कि झारखंड में चीफ इंस्पेक्टर ऑफ फैक्ट्रीज का पद रिक्त है. सरकार की ओर से बताया गया कि उपयुक्त व्यक्ति नहीं मिलने के कारण डिप्टी चीफ इंस्पेक्टर ऑफ फैक्ट्रीज में से किसी को इंचार्ज चीफ इंस्पेक्टर ऑफ फैक्ट्रीज बनाकर काम लिया जा रहा है. चीफ इंस्पेक्टर ऑफ फैक्ट्रीज का पोस्ट प्रमोशनल है, वर्ष 2030 तक यह पद खाली रहेगा.
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश के आलोक में झारखंड के कोल आधारित थर्मल पावर प्लांट में कर्मियों के स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं का निरीक्षण किया जाना है. मामले में हाईकोर्ट स्वत: संज्ञान लेकर इसकी सुनवाई कर रही है. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने झारखंड के कोल आधारित थर्मल पावर प्लांट से उनके कर्मियों की स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं पर जवाब मांगा था. जिस पर उनकी ओर से शपथ पत्र दायर कर कहा गया था कि वह अपने कर्मियों की स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दे रहे हैं.
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