Ranchi News: झारखंड हाईकोर्ट ने नाबालिग लड़की के लापता होने से जुड़े संवेदनशील मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने का आदेश दिया है. कोर्ट ने राज्य सरकार की जांच एजेंसी CID को निर्देश दिया कि वह मामले से संबंधित पूरा केस रिकॉर्ड तत्काल CBI को सौंपे. हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद एवं न्यायमूर्ति संजय प्रसाद की खंडपीठ ने यह आदेश पारित किया है
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कोर्ट ने CID के ADG के माध्यम से यह रिकॉर्ड CBI के ईस्टर्न जोन के ज्वाइंट डायरेक्टर, रांची को हस्तांतरित करने का निर्देश दिया है.
कोर्ट ने CBI निदेशक को जांच की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि मामले की जांच उचित तरीके से आगे बढ़े. कोर्ट ने यह भी दर्ज किया कि राज्य सरकार और CID पहले ही CBI को जांच में पूर्ण और बिना शर्त सहयोग देने का आश्वासन दे चुके हैं. इसलिए इस संबंध में अलग से कोई निर्देश देने की आवश्यकता नहीं है.
हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई दो महीने के लिए स्थगित करते हुए 27 अक्टूबर 2026 को अगली सुनवाई निर्धारित की है. इससे पहले CBI को जांच में हुई प्रगति की जानकारी देते हुए शपथपत्र दाखिल करना होगा.
मामले में राज्य सरकार की ओर से बताया गया था कि जांच सीबीआई को देने में उसे कोई आपत्ति नहीं है, अगर जांच सीबीआई को दी जाती है तो राज्य सरकार पूरा सहयोग करेगी. वहीं सीबीआई ने भी जांच करने में अपनी कोई आपत्ति नहीं होने की बात कही थी.
उल्लेखनीय है कि मामले में सीआईडी की ओर से पूर्व की सुनवाई में कोर्ट को बताया गया था कि नाबालिग के सोशल मीडिया अकाउंट से कुछ क्लू मिले हैं. इसके लिए Meta से डाटा लेना पड़ेगा, यह क्रॉस बॉर्डर मामला हो सकता है. जिस पर कोर्ट ने कहा था कि सीबीआई के पास राज्य पुलिस से ज्यादा पावर है. ऐसे में मामले को सीबीआई को दिया जा सकता है.
बता दें कि मामले में सीआईडी की ओर से जवाब दाखिल कर कोर्ट को बताया गया था कि गायब लड़की का फेसबुक अकाउंट चालू है ऐसे में Meta से परमिशन लेना पड़ेगा.
दरअसल, बच्ची 16 अक्टूबर 2020 से लापता है. इस संदर्भ में एफआईआर दर्ज हुई थी. जांच के दौरान पुलिस की सुपरविजन रिपोर्ट में इसे अपहरण का मामला माना गया. घटनास्थल के पास बच्ची की साइकिल, चप्पल और किताबें बरामद हुई थीं. मामले की जांच सीआईडी कर रही थी.
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