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पैनम कोल के खिलाफ PIL पर हाईकोर्ट में सुनवाई

पैनम कोल माइंस द्वारा अवैध खनन किए जाने की सीबीआई जांच और विस्थापितों के पुनर्वास की मांग को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान पंजाब पवार ग्रिड कॉर्पोरेशन की ओर से जवाब दाखिल किया गया.
 
  • पंजाब पवार ग्रिड कॉर्पोरेशन की दलील,पैनम की ओर से की गई गड़बड़ी
  • पैनम ने आरोपों का जवाब देने के लिए समय मांगा
  • मामले में अगली सुनवाई 20 जनवरी को

Ranchi :  पैनम कोल माइंस द्वारा अवैध खनन किए जाने की सीबीआई जांच और विस्थापितों के पुनर्वास की मांग को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान पंजाब पवार ग्रिड कॉर्पोरेशन की ओर से जवाब दाखिल किया गया. 

 

पंजाब पवार ग्रिड कॉर्पोरेशन की ओर से उपस्थित अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि पूरे मामले में पैनम की ओर से गड़बड़ी की गई है. इसके बाद पैनम की ओर से उपस्थित अधिवक्ता ने आरोपों का जवाब देने के लिए समय देने का आग्रह किया, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया और अगली सुनवाई के लिए 20 जनवरी की तिथि निर्धारित कर दी. 

 

हाईकोर्ट ने अपने पिछले आदेश में कहा था कि पंजाब पवार ग्रिड कॉर्पोरेशन यह बताए कि उसकी कितनी प्रॉपर्टी है और उस संपत्ति को क्यों न सीज कर बेच दिया जाए.  इस आदेश में कोर्ट ने कोई संशोधन नहीं किया. झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की बेंच में इस जनहित याचिका पर सुनवाई हुई. 

 

दरअसल पैनम माइंस नाम की कंपनी को वर्ष 2015 में सरकार ने पाकुड़ और और दुमका जिले में कोयला खनन का लीज दिया था.  पैनम कोल के साथ पंजाब पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन भी खनन कार्य में शामिल थी.  पैनम कोल पर आरोप है कि उसने लीज से ज्यादा खनन किया, जिससे सरकार को करोड़ों रुपए के राजस्व का नुक्सान हुआ है. इस संबंध में हाईकोर्ट के अधिवक्ता राम सुभग सिंह ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है.

 

 

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