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नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर मंशा ठीक नहीं, विशेष सत्र बुलाने पर कांग्रेस मोदी सरकार पर हमलावर

जयराम रमेश ने याद दिलाया कि 22, 23 सितंबर(2023) को जब यए पार्लियामेंट हाउस का उद्घाटन हुआ था, तब नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर विशेष सत्र बुलाया गया था.  नारी शक्ति वंदन अधिनियम में एक तिहाई आरक्षण महिलाओं को देने की बात थी, लेकिन अधिनियम में लिखा था कि परिसीमन और जनगणना के बाद ही इसे लागू किया जायेगा.
 

New Delhi : नारी शक्ति वंदन अधिनियम और जनगणना और परिसीमन को लेकर कांग्रेस मोदी सरकार पर हमलावर हो गयी है.कांग्रेस प्रवक्ता जयराम रमेश ने आज प्रेस कॉंफ्रैंस कर कहा कि महारजिस्ट्रार और जनसंख्या आयुक्त ने कहा है कि 2027 में ही जनगणना के नतीजे सामने आने लगेंगे,  अभी जनगणना का पहला चरण है. फरवरी 2027 में जनसंख्या की गिनती शुरू हो जायेगी.

 

इसके बावजूद मोदी सरकार संसद को गलत जानकारी दे रही है कि इसमें 3-4 साल लगेंगे. इसलिए उन्हें अभी ही नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन करना है, ताकि 2029 के होने वाले चुनाव से यह लागू हो जाये.

 

 

 

आरोप लगाया कि इस विशेष सत्र का मकसद सिर्फ चुनावी लाभ लेना है, जिससे नरेंद्र मोदी एक बार फिर इसका श्रेय ले सकें. बता दें कि सरकार ने घोषणा की है कि 16, 17 और 18 अप्रैल को लोकसभा और राज्यसभा का विशेष सत्र होगा.

 

जयराम रमेश ने कहा कि 16 मार्च को किरेन रिजिजू जी राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष  मल्लिकार्जुन खरगे जी को पत्र लिथ कर कहा कि वे कांग्रेस पार्टी से बात करना चाहते हैं कारण बताया गया कि वे नारी शक्ति वंदन अधिनियम में कुछ संशोधन करना चाहते हैं

 

जयराम रमेश ने श्री खरगे ने उसी दिन जवाब दिया कि आप सर्वदलीय बैठक बुलाइए. एक लिखित प्रस्ताव दीजिए. हम सभीर आपके प्रस्ताव पर चर्चा करेंगे. रमेश ने कहा कि 24 मार्च को सभी विपक्षी पार्टियों ने किरेन रिजिजू जी को फिर एक पत्र लिखा कि 29 अप्रैल के बाद ऑल पार्टी मीटिंग बुलाई जाये,  क्योंकि तब तक ECI का मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट लागू होगा.  

 

जयराम रमेश ने याद दिलाया कि 22, 23 सितंबर(2023) को जब यए पार्लियामेंट हाउस का उद्घाटन हुआ था, तब नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर विशेष सत्र बुलाया गया था.  नारी शक्ति वंदन अधिनियम में एक तिहाई आरक्षण महिलाओं को देने की बात थी, लेकिन अधिनियम में लिखा था कि परिसीमन और जनगणना के बाद ही इसे लागू किया जायेगा.

 

23 सितंबर को मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा था ये आप तुरंत लागू क्यों नहीं कर सकते? इसके लिए परिसीमन और जनगणना की जरूरत नहीं है. लेकिन सरकार ने कहा कि जनगणना और परिसीमन जरूरी है, इसलिए इस अधिनियम को पास कर दीजिए. इसे कब लागू किया जायेगा, इसकी जानकारी दे दी जायेगी.

 

रमेश ने कहा कि इस बात को 30 महीने बीत गये हैं.  मल्लिकार्जुन खरगे ने पहले ही कह दिया था कि सरकार जानबूझकर इस अधिनियम को लागू करने में देरी कर रही है. केंद्र सरकार की मंशा ठीक नहीं है.

 

जयराम रमेश ने कहा कि किरेन रिजिजू ने अपने पत्रों में सिर्फ नारी शक्ति वंदन अधिनियम की बात की है. लेकिन अब साफ हो गया है कि  विशेष सत्र सिर्फ नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर नहीं बुलाया गया है, बल्कि यह परिसीमन को लेकर भी है.

 

श्री रमेश ने आरोप लगाया कि कांग्रेस से कभी भी परिसीमन का जिक्र नहीं किया गया है.  कभी इस पर कोई चर्चा नहीं हुई. लेकिन अब ये साफ हो चुका है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन लाया जायेगा, साथ ही परिसीमन को लेकर संविधान में संशोधन किया जायेगा. 

  

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