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विशाखापत्तनम : युद्धपोत तारागिरी और स्वदेशी परमाणु पनडुब्बी INS अरिदमन नौसेना में शामिल की गयी

रक्षा मंत्री मे कहा कि भारत का लगभग 95 प्रतिशत व्यापार समुद्री मार्ग से होता है. कहा कि हमारी ऊर्जा सुरक्षा भी समुद्र पर निर्भर करती है. ऐसे में यह स्पष्ट हो जाता है एक मजबूत और सक्षम नौसेना भारत की जरूरत है.
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परमाणु पनडुब्बी INS अरिदमन

Vizagapatnam : आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में आज शुक्रवार को अत्याधुनिक युद्धपोत तारागिरी और स्वदेशी परमाणु पनडुब्बी INS अरिदमन को नौसेना में शामिल किया गया. अरिदमन समुद्र की गहराई से परमाणु हमला करने में सक्षम है, जबकि तारागिरी आधुनिक मिसाइलों से लैस है. दोनों के शामिल होने से भारत की सुरक्षा और मजबूत हो गयी है.

 

 

भारत की तीसरी स्वदेशी परमाणु बैलिस्टिक मिसाइल से लैस पनडुब्बी  7000 टन वजनी है. यह पनडुब्बी 3,500 किमी तक मार करने वाली K-4 मिसाइलों से लैस है. कहा जा रहा है कि यह देश की सेकंड स्ट्राइक क्षमता को और मजबूत करेगी.

 

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युद्धपोत तारागिरी

इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड और भारतीय नौसेना सहित सभी देशवासियों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि आज युद्धपोत तारागिरी को भारतीय नौसेना में शामिल किया जा रहा है.

 

राजनाथ सिंह ने कहा कि तारागिरी का शामिल होना भारत की बढ़ती समुद्री ताकत का प्रतीक है.  जब प्रधानमंत्री मोदी  2047 तक विकसित भारत के निर्माण की बात करते हैं तो उस परिकल्पना में नौसेना की भूमिका बेहद अहम हो जाती है.

 

उन्होंने कहा कि 11 हजार किलोमीटर से अधिक लंबी समुद्री तट वाला भारत तीन तरफ से समुद्र से घिरा हुआ है. हम समुद्र से अलग होकर अपने विकास की कल्पना नहीं कर सकते.

 

रक्षा मंत्री मे कहा कि भारत का लगभग 95 प्रतिशत व्यापार समुद्री मार्ग से होता है. कहा कि हमारी ऊर्जा सुरक्षा भी समुद्र पर निर्भर करती है. ऐसे में यह स्पष्ट हो जाता है एक मजबूत और सक्षम नौसेना भारत की जरूरत है.  

 

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