Ranchi : JPSC और JSSC की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों को लेकर आंदोलनरत JPSC-JSSC Reform Manch ने अपनी मांगों का विस्तृत खाका जारी किया है. मंच ने परीक्षाओं को रद्द करने, निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार की मांग की है.
संदिग्ध परीक्षाओं को तत्काल रद्द करने की मांग
मंच ने TDPL द्वारा आयोजित JPSC की सभी परीक्षाओं को तत्काल रद्द करने की मांग की है. इसमें 14वीं JPSC, JPSC बैकलॉग 2023, JPSC बैकलॉग 2025, FRO, 11वीं-13वीं JPSC और APP समेत अन्य परीक्षाएं शामिल हैं.
इसके अलावा अभय तिवारी से जुड़ी जिन परीक्षाओं में सफलता, नियुक्ति या संलिप्तता का आरोप है, उन्हें भी रद्द करने की मांग की गई है. इनमें JSSC CGL, JSSC PGT, ACF सहित अन्य परीक्षाएं शामिल हैं.
CBI और ED से जांच की मांग
Reform Manch ने निष्पक्ष और व्यापक जांच के लिए CBI और ED जांच की अनुशंसा की है. मंच ने विशेष रूप से जनवरी 2023 की JSSC CGL परीक्षा के पेपर लीक और सितंबर 2023 की JSSC CGL री-एग्जाम में पेपर लीक और कथित व्यापक भ्रष्टाचार की जांच CBI और ED से कराने की मांग की है.

JPSC-JSSC Reform Manch की मांग
इसके अलावा JSSC PGT, माध्यमिक आचार्य, JSSC लैब असिस्टेंट, लेडी सुपरवाइजर और उत्पाद सिपाही जैसी परीक्षाओं में एजेंसियों की भूमिका, आयोग के अधिकारियों, संदिग्ध विश्वविद्यालयों द्वारा जारी प्रमाण-पत्रों और अन्य अनियमितताओं की भी जांच की मांग की गई है.
तीन महीने में जांच रिपोर्ट और दोषियों पर कार्रवाई
मंच ने मांग की है कि जांच की अंतिम रिपोर्ट अधिकतम तीन महीने के भीतर जारी की जाए. सभी दोषियों, चाहे वे एजेंसी, प्रशासनिक, राजनीतिक या अन्य स्तर से जुड़े हों, पर कड़ी कार्रवाई की जाए.
साथ ही JPSC और JSSC में केवल अध्यक्ष का इस्तीफा नहीं, बल्कि दोषी पाए जाने वाले सभी सदस्यों और कर्मचारियों पर भी कार्रवाई करने की मांग की गई है.
भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार की मांग
Reform Manch ने आउटसोर्सिंग एजेंसी की व्यवस्था समाप्त कर संबंधित आयोगों के माध्यम से ही परीक्षाएं आयोजित कराने की मांग की है. इसके अलावा—
PT, Mains समेत प्रत्येक चरण के परिणाम के साथ कटऑफ मार्क्स जारी किए जाएं.
अंतिम परिणाम के साथ Original Marks और Normalised Marks सहित Score Card उपलब्ध कराया जाए.
Normalisation की प्रक्रिया और फॉर्मूला सार्वजनिक किया जाए.
JPSC प्रारंभिक परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों के OMR और मुख्य परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों की कॉपी निर्धारित समय सीमा में ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाए. राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों और उनके संबंधियों को JPSC-JSSC में अध्यक्ष या सदस्य के पद पर नियुक्त नहीं किया जाए.
पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितता के मामलों की त्वरित व पारदर्शी जांच के साथ Fast Track Court में 90 दिनों के भीतर सुनवाई सुनिश्चित की जाए.
अन्य मांगों में मुआवजा और हेल्प डेस्क शामिल
मंच ने उत्पाद सिपाही परीक्षा के मृत अभ्यर्थियों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की सहायता राशि देने की मांग की है. JPSC और JSSC अभ्यर्थियों के लिए तत्पर एवं संवेदनशील हेल्प डेस्क प्रणाली विकसित करने की भी मांग की गई है.
परीक्षा प्रणाली में किसी विवाद या बदलाव की स्थिति में संबंधित आयोग द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस या प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से सूचना देने की व्यवस्था की मांग की गई है. JSSC आशुलिपिक, LDC, पुलिस और दारोगा आदि परीक्षाओं का परीक्षा कैलेंडर जारी कर उसका पालन करने की भी मांग है.
उम्र सीमा और शारीरिक परीक्षा में बदलाव की मांग
मंच ने दारोगा और सिपाही परीक्षा की 1.6 किलोमीटर दौड़ में पुरुष अभ्यर्थियों के लिए 7 मिनट और महिला अभ्यर्थियों के लिए 11 मिनट का समय निर्धारित करने की मांग की है. साथ ही JPSC में उम्र सीमा के लिए 2018 के Age Cutoff के आधार पर निर्धारण और JSSC में अधिकतम उम्र सीमा 42 वर्ष करने की मांग रखी गई है.
Reform Manch ने JPSC और JSSC परीक्षाओं में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कड़े कानून, नियम और SOP तैयार करने की मांग की है.
आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
मंच ने राज्य के अभ्यर्थियों के हित में आंदोलन करने वाले किसलय ब्लोअर संतोष मरतना को निलंबन मुक्त कर उनकी rejoining सुनिश्चित करने और CID कांड संख्या 02/25 को शीघ्र वापस लेने की मांग भी की है. Reform Manch ने स्पष्ट किया है कि सभी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.


Leave a Comment