Ranchi : झारखंड में माओवादी नेटवर्क को खंगाल रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को अदालत से एक महत्वपूर्ण अनुमति मिल गई है. रांची स्थित एनआईए की विशेष अदालत ने प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) के दो सक्रिय कैडर शिवलाल हेम्ब्रम उर्फ शिवा और उसकी पत्नी उर्मिला से जेल में पूछताछ करने की मंजूरी दे दी है.
एनआईए के विशेष न्यायाधीश अभिमन्यु कुमार की अदालत ने मामले की गंभीरता और जांच एजेंसी की दलीलों को स्वीकार करते हुए यह आदेश जारी किया. पूछताछ की अवधि: 20 जनवरी से 3 फरवरी 2026 के बीच तय की गई है.
इस दौरान किन्हीं भी तीन दिनों में जांच अधिकारी पूछताछ कर सकेंगे. यह पूछताछ ओपन जेल, हजारीबाग में की जाएगी, जहां दोनों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में बंद हैं.
यह पूछताछ एनआईए द्वारा दर्ज केस संख्या 01/2024 के सिलसिले में की जा रही है. जांच के दौरान एजेंसी को पुख्ता सबूत मिले हैं कि शिवलाल और उर्मिला माओवादी गतिविधियों में गहराई से संलिप्त रहे हैं.
एनआईए ने अदालत को बताया कि ये दोनों आरोपी पूर्व में लुगू-झूमरा पहाड़ क्षेत्र में सक्रिय शीर्ष माओवादी नेताओं की टीम का हिस्सा थे. इनमें मृत प्रयाग मांझी उर्फ विवेक, स्वर्गीय अनुज सोरेन उर्फ प्रवेश और स्वर्गीय चंचल दा उर्फ बिरसेन जैसे खूंखार माओवादियों के नाम शामिल हैं.
जांच में यह भी सामने आया है कि 13 और 14 फरवरी 2024 को सुरक्षा बलों के साथ हुई एक मुठभेड़ के दौरान ये दोनों आरोपी घटना स्थल पर मौजूद थे.
वर्तमान में ये दोनों खुखरा थाना कांड संख्या 15/2023 के तहत जेल में बंद हैं, लेकिन एनआईए अब इनसे नए सिरे से पूछताछ कर संगठन के नेटवर्क, फंडिंग और आगामी योजनाओं के बारे में सुराग जुटाएगी.
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