पुण्यतिथि पर सूना रहा गांधी स्मारक, न हुई साफ-सफाई और न दी गई पुष्पांजलि समाज का एक बड़ा तबका राष्ट्रपिता के शहादत दिवस पर रहा उदासीन Gaurav Prakash Hazaribagh : राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की बदौलत आज लोग आजाद भारत में खुली हवा में सांस ले रहे हैं, ऐसे महापुरूष का हजारीबाग के लोगों ने उन्हें उनकी पुण्यतिथि पर बिसार दिया. बापू की पुण्यतिथि 30 जनवरी के दिन यहां कुम्हारटोली स्थित गांधी स्मारक सुनसान पड़ा रहा. न ही स्मारक की साफ-सफाई की गई और ना ही कोई पुष्पांजलि करने आया. शुभम संदेश की टीम ने बापू के चरणों में श्रद्धा के दो फूल चढ़ाकर उन्हें नमन किया. बड़े-बड़े जलसे और कार्यक्रम में बापू के आदर्शों का बड़ा-बड़ा बखान करने और स्वयं को उनका सच्चा अनुयायी होने का दावा करनेवाले सोमवार को गांधी स्मारक झांकने तक नहीं गए. हर वर्ष 2 अक्तूबर और 30 जनवरी को गांधी स्मारक गुलजार रहता था. यहां बापू के प्यारे भजन रघुपति राघव राजा राम…प्रार्थना और रामधुन कानों में मिश्री घोला करती थी. लेकिन इस वर्ष ऐसा कुछ भी नहीं हुआ और गांधी स्मारक में वीरानगी छाई रही. इसे भी पढ़ें:1932">https://lagatar.in/1932-not-possible-block-wise-planning-policy-salkhan-murmu/">1932
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महात्मा गांधी का अस्थि कलश लाकर रखा गया था
स्थानीय कुछ लोगों ने बताया कि उन्होंने प्रतिमा पर माल्यार्पण किया है. अगर उनकी बात मान ली जाए, तो भी समाज का एक बड़ा तबका इस तिथि पर उदासीन रहा. हजारीबाग में गांधी स्मारक और वहां बना पार्क खास है. इसी जगह महात्मा गांधी का अस्थि कलश लाकर रखा गया था.प्रशासनिक अधिकारियों-जनप्रतिनिधियों की उदासीनता
यहां न तो प्रशासनिक ओहदे का कोई चेहरा दिखा और न ही जनप्रतिनिधियों का. आलम यह है कि कुम्हारटोली स्थित महात्मा गांधी स्मारक में असामाजिक तत्वों का अड्डा भी बना रहता है. शराब की बोतलें समाधि स्थल के आसपास देखी गईं. ऐसे में यहां के लोग भी कहते हैं कि जहां पर बापू की अस्थि रखी गई, वहां भी लोग अमर्यादित हो गए हैं. प्रशासन को इस बात की चिंता भी नहीं. यही नहीं स्मारक स्थल के चारों ओर कंटीले तार से चारदीवारी बनाई गई थी. उस कंटीले तार को भी अअसामाजिक तत्वों ने काट डाला है. इस वजह से लवारिश पशुओं की जमघट भी स्मारक स्थल में लगी रहती है और गंदगी का अंबार लगा रहता है. इसे भी पढ़ें:चक्रधरपुर">https://lagatar.in/chakradharpur-bjp-leader-jb-tubid-and-former-mla-broke-the-fast-of-kamaldev-giris-relatives-and-people/">चक्रधरपुर: भाजपा नेता जेबी तुबीद व पूर्व विधायक ने कमलदेव गिरि के परिजनों व लोगों का तुड़वाया अनशन [wpse_comments_template]
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