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बारिश से बढ़ी मूर्तिकारों की परेशानी, मूर्तियों को सुखाने में हो रहा गोयठा का उपयोग

गणेश पूजा, विश्वकर्मा पूजा और दुर्गा पूजा नजदीक है. शहर में विभिन्न स्थानों पर  मूर्ति बनाए जा रहे है.
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लगातार बारिश ने रोकी मूर्ति बनाने की रफ्तार

 

Ranchi : गणेश पूजा, विश्वकर्मा पूजा और दुर्गा पूजा नजदीक है. शहर में विभिन्न स्थानों पर  मूर्ति बनाए जा रहे है. मूर्तिकारों को मूर्ति को बारिश से बचाने के लिए इस समय भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा है.

 

मूर्तिकार दिन-रात मेहनत कर भगवान की प्रतिमाएं गढ़ रहे हैं, लेकिन बारिश और तेज हवाओं ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है. खुले में मूर्तियों को सुरक्षित रखना बड़ी चुनौती बन गया है. प्लास्टिक से ढककर बचाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन हवा और नमी के आगे यह भी नाकाम हो रही है.

 

रंग-रोगन में बन रही है बाधा

 

बारिश के कारण मूर्तियों पर चढ़ा लेप बार-बार उखड़ जा रहा है. नमी की वजह से प्रतिमाएं सूख नहीं पा रहीं, जिससे उन पर रंग चढ़ाना लगभग मुश्किल हो गया है. कई बार तेज हवा से मूर्तियों में दरार पड़ जा रही है. मूर्तिकारों को दोबारा मेहनत करनी पड़ रही है.

 

त्योहार नजदीक, मूर्तिकार होने लगे चिंतित

 

त्योहार करीब आते ही मूर्तिकारों की बेचैनी बढ़ गई है. जहां एक ओर आस्था से जुड़ी मूर्तियों की मांग तेजी से बढ़ रही है, वहीं मौसम की मार ने मूर्तिकारों को भारी परेशानी में डाल दिया है.

 

मूर्तिकार गोयठा जलाकर मूर्तियों को सुखाने को मजबूर 

 

हर बार बारिश होने पर कारीगरों को मूर्तियों को तुरंत ढकना पड़ता है. सुखाने के लिए अब ब्लू लैम्प का सहारा लिया जा रहा है. पहले मिट्टी तेल आसानी से उपलब्ध था, लेकिन अब उसकी कमी से मूर्तिकार गोयठा जलाकर मूर्तियों को सुखाने को मजबूर हैं.

 

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