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ललित मोदी को संरक्षण देने वाली महारानी संथाल की वीर भूमि में भ्रष्टाचार का पाठ पढ़ा रही : सुप्रियो

  • 11 लाख करोड़ का आर्थिक घपले कराने वाली पार्टी के मुंह से भ्रष्टाचार की बातें शोभा नहीं देती
  • राजस्थान में जिन्हें नकारा, वह झारखंड में जनता को जगाने आयी थीं
Ranchi : झामुमो ने राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे सिंधिया पर पलटवार किया है. पार्टी के वरिष्ठ नेता सुप्रियो भट्टाचार्य ने पार्टी कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि ललित मोदी का पालन-पोषण करने वाली, आईपीएल के जरिए आर्थिक मुनाफा कमा कर विदेश भागने वाले ललित मोदी को संरक्षण देने वाली महारानी संथाल की पावन भूमि देवघर में जनता को भ्रष्ट और भ्रष्टाचार का पाठ पढ़ा रही थीं. अजीब हालत है, जिस राजस्थान में भाजपा उन्हें मुख्यमंत्री पद का दावेदार तक नहीं बनाना चाह रही है. उनके नेतृत्व में चुनाव लड़ा जाए या नहीं. इसको लेकर भाजपा पशोपेश में है, वह यहां आकर भाजपा के लिए जन समर्थन जुटाने का काम कर रही है. उन्हें यह पता होना चाहिए कि संथाल फुलो-झानो की पवित्र भूमि है, जहां पर पूंजीवाद और उपनिवेशवाद की लड़ाई लड़ी गयी. उस भूमि पर ऐसे सामंतवादी विचारधारा के लोग अनाप-शनाप बोल कर चले जा रहे हैं. इसका जवाब संथाल की जनता चुनाव में देगी.

राजनीतिक मुद्दे लेकर आएं, तब करें झामुमो से मुकाबला

भट्टाचार्य ने कहा कि अजीब स्थिति है. जो पार्टी 11 लाख करोड़ का आर्थिक घपले की दोषी है. जिस ललित मोदी का प्रश्रय देने वाली भाजपा और उनके नेता हैं, जिसने देश के गाढ़ी कमाई लेकर विदेश भागने का काम किया. उसी दल के लोग भ्रष्ट और भ्रष्टाचार की सीख देते फिर रहे हैं. भ्रष्ट-भ्रष्ट का राग अलाप रहे हैं. मजे की बात है महारानी के साथ वहां के स्थानीय सांसद भी मौजूद रहते हैं, जिनकी काली करतूतों की लंबी फेहरिस्त है. आखिरकार ये लोग किस मुंह से यहां की सरकार को भ्रष्ट कहते हैं. अरे जनता के बीच जाना है, किसी पार्टी से लड़ाई करनी है, तो राजनीतिक मुद्दे लेकर आएं.

काम किए हाेते तो जनसंपर्क करने की जरूरत नहीं पड़ती

भट्टाचार्य ने कहा कि चार साल तक सोयी रहने वाली पार्टी अब जनसंपर्क अभियान चला रही है. जनता को जगाने का काम कर रही है. अगर अपने समय में काम किए होते, तो इसकी जरूरत नहीं पड़ती. खुद जनसमर्थन मिलता. इसलिए भाजपा के लोग राजनीतिक रूप से झामुमो के साथ मुकाबला लोकसभा और विधानसभा में करें. यहां किसी के आने की रोक नहीं है. मगर मुद्दे लेकर आएं. वैसे मुद्दे लेकर नहीं जाएं. जिससे पहले से उनके हाथ रंगे हों या जले हों. इसे भी पढ़ें – मुख्यमंत्री">https://lagatar.in/sitting-on-the-post-of-chief-minister-hemant-soren-himself-takes-mines-vasundhara-raje-scindia/">मुख्यमंत्री

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