Search

आइएमए एवं झासा के सदस्यों से एसपी ने की बात, कहा- कोई भी समस्या हो बेधड़क करें फोन

Koderma : आईएमए एवं झासा के आह्वान पर राज्यभर के सरकारी एवं गैर सरकारी चिकित्सक 1 मार्च को कार्य बहिष्कार पर थे. कोडरमा के भी सभी डॉक्टर अपनी लंबित मांगों के समर्थन में कार्य बहिष्कार किया, जिसका व्यापक असर भी दिखा. खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे राज्यभर के डॉक्टर सरकार से मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग कर रहे हैं. गुरुवार को कोडरमा एसपी कुमार गौरव ने आइएमए और झासा के प्रतिनिधियों को अपने कार्यालय बुलाया. उनकी उनकी समस्याओं को जाना और सुरक्षा मुहैया कराने का भरोसा दिया. इसे भी पढ़ें : पेट्रोल-डीजल">https://lagatar.in/minister-rameshwar-said-on-the-allegation-of-failure-of-petrol-diesel-subsidy-scheme-beneficiaries-decreased-due-to-rumor/">पेट्रोल-डीजल

सब्सिडी योजना फेल होने के आरोप पर बोले मंत्री रामेश्वर, अफवाह के कारण घटे लाभुक
चिकित्सकों ने एक स्वर में एसपी के इस पहल की सराहना की. कहा कि वर्तमान एसपी के कार्यकाल में शहर में अपराध की घटनाओं में कमी आयी है. डॉक्टरों ने एसपी से कहा कि पुलिस विभाग की तरफ से किसी को नोडल अधिकारी बना दिया जाय, ताकि जब भी किसी चिकित्सक को कोई जरूरत हो तो उनसे संपर्क कर सकें. आइएमए के जिला सचिव डॉ. नरेश कुमार पंडित एवं आइएमए के उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के संयुक्त सचिव डॉ. रमण कुमार ने कहा कि डॉक्टरों के खिलाफ अगर कोई यह बोल कर प्राथमिकी दर्ज कराने आता है कि डॉक्टर की लापरवाही से किसी की मौत हो गयी है तो वैसी परिस्थिति में पहले मेडिकल बोर्ड द्वारा घटना की सत्यता की जांच कराएं, उसके बाद ही प्राथमिकी दर्ज करने का निर्णय लिया जाय. कहा कि हाइकोर्ट का भी यही आदेश है. उन्होंने हाइकोर्ट के आदेश की प्रति भी एसपी को सौंपी. इसे भी पढ़ें : रामगढ़">https://lagatar.in/ramgarh-by-election-cm-said-on-the-defeat-of-upa-this-is-all-a-game-of-money-power/">रामगढ़

उपचुनावः यूपीए की हार पर बोले सीएम, ‘ये सब है धनबल का खेल’
उधर झासा के राज्य उपाध्यक्ष डॉ. शरद कुमार ने सदर अस्पताल परिसर में एक स्थायी पुलिस पिकेट खोलने का प्रस्ताव रखा. उन्होंने कहा कि रात्रि ड्यूटी में एक ही चिकित्सक रहते हैं और कर्मियों की संख्या भी कम रहती है. ऐसे में परिजनों या असामाजिक तत्वों द्वारा कई बार चिकित्सक के साथ दुर्व्यवहार की घटना हुई है और भय के माहौल में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं  उपलब्ध कराने में दिक्कत होती है. एसपी ने भरोसा दिया है कि आप सभी की सुरक्षा हमारी जवाबदेही है और हर संभव मैं बेहतर प्रयास करूंगा. एसपी ने अपना मोबाइल नंबर साझा करते हुए कहा कि आप में से किन्ही को जब भी मुझसे बात करने की जरूरत महसूस हो, आप कॉल कर सकते हैं. एसपी ने डॉक्टरों से आवास और क्लिनिक में सीसीटीवी लगवाने की अपील की. इस मौके पर वरीय चिकित्सक एवं आइएमए के पूर्व सचिव डॉ. रामसागर सिंह, डॉ. सुजीत राज, आइएमए की उपाध्यक्ष डॉ. अलंकृता मंडल, डॉ. रचना गुप्ता, डॉ. विशाल कुमार, डॉ. कुलदीप कुमार, डॉ. रविकांत, डॉ. सुनील कुमार सिंह, डॉ. सोमेश, डॉ. अनीश सिन्हा, डॉ. विकास चंद्रा, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. अरुण कुमार अबोध, डॉ. आरके दीपक, डॉ. अरुण कुमार, डॉ. अभिजीत एवं अन्य चिकित्सक मौजूद थे. इसे भी पढ़ें : किसानों">https://lagatar.in/the-suffering-of-the-farmers-life-has-not-changed-with-strawberries-the-fear-of-drowning-in-debt-is-haunting/">किसानों

की पीड़ा… स्ट्रॉबेरी से जीवन तो नहीं बदला, कर्ज में डूबने का सता रहा डर
[wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp